मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींच रहा है. यह युद्ध अब दूसरे हफ्ते में पहुंच चुका है. तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में लगातार बड़े हवाई हमलों की खबरें आ रही हैं.
इजरायल ने शनिवार को 80 से ज्यादा फाइटर जेट्स के जरिए तेहरान और मध्य ईरान में बड़े पैमाने पर हमले किए. इजरायल ने इन्हें 'ब्रॉड-स्केल' एयर स्ट्राइक बताया. वहीं ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनका निशाना इजरायल और क्षेत्र के कुछ अन्य ठिकाने बने.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी पड़ोसी देश पर हमला नहीं करेगा, जब तक कि वहां से उस पर हमला न किया जाए.
खान सर का पुराना वीडियो हुआ वायरल
इसी बीच सोशल मीडिया पर खान सर का एक पुराना क्लासरूम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो हजारों बार शेयर किया जा चुका है.इस क्लिप में खान सर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी राय समझाते नजर आते हैं. वीडियो पुराना है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण इसे फिर से शेयर किया जा रहा है.
देखें वायरल वीडियो
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या बोले खान सर
वीडियो में खान सर बताते हैं कि ईरान ने जानबूझकर परमाणु हथियार बनाने की प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं की. उनके मुताबिक ईरान पहले ही यूरेनियम को लगभग 80% तक समृद्ध कर चुका है.वे समझाते हैं कि अगर यूरेनियम का स्तर 85 से 90 प्रतिशत तक पहुंच जाए, तो तकनीकी रूप से परमाणु बम बनाना संभव हो जाता है. खान सर का अनुमान है कि अगर ईरान ऐसा करना चाहे, तो वह 2029 तक पूर्ण परमाणु हथियार विकसित कर सकता है.
रूस और भारत की नीति पर भी की चर्चा
वीडियो में खान सर यह भी कहते हैं कि रूस ईरान को पूरी तरह आगे बढ़ने से रोक रहा है. उनका तर्क है कि यूक्रेन युद्ध में उलझा रूस ईरान की पूरी सुरक्षा नहीं कर पाएगा.खान सर अपने लेक्चर में भारत की विदेश नीति पर भी बात करते हैं. उनका कहना है कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना चाहिए. साथ ही रूस, ईरान और इजरायल तीनों देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए.
IAEA ने क्या कहा
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में फिलहाल कोई संगठित हथियार कार्यक्रम नजर नहीं आता.IAEA ने अपनी रिपोर्ट में यह जरूर कहा कि ईरान के पास उच्च स्तर का समृद्ध यूरेनियम मौजूद है. लेकिन एजेंसी को अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि ईरान सक्रिय रूप से परमाणु बम बना रहा है.
युद्ध के शुरुआती दिनों में IAEA ने यह भी बताया था कि ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों जैसे नतांज और फोर्डो को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा. हालांकि बाद में कुछ साइट्स पर हमलों की खबरें जरूर सामने आईं.
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनके हमलों का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करना और सत्ता परिवर्तन का दबाव बनाना है. वहीं ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका इस्तेमाल ऊर्जा तथा मेडिकल जरूरतों के लिए किया जाता है.
इसी बीच खान सर का वायरल वीडियो लोगों के बीच नई चर्चा छेड़ रहा है. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि खान सर ने पहले ही इस मुद्दे को समझाया था. वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ एक अनुमान बता रहे हैं.
फिलहाल सोशल मीडिया पर बहस जारी है.क्या ईरान सच में आने वाले वर्षों में परमाणु शक्ति बन सकता है, या यह सिर्फ एक संभावना भर है.
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