कौन हैं वो भारतीय महिला? जिनकी साड़ी की अमेरिका में लगी प्रदर्शनी

भारत की एक महिला की साड़ी अमेरिका के एक स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शनी में लगी हुई. आखिर इस साड़ी की ऐसी क्या खासियत है कि अमेरिका में इसकी प्रदर्शनी लगाई गई.

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भारत की एक महिला की साड़ी को अमेरिका के स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शनी के लिए लगाया गया है (Photo - Instagram/@smithsonian) भारत की एक महिला की साड़ी को अमेरिका के स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शनी के लिए लगाया गया है (Photo - Instagram/@smithsonian)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST

भारत की एक महिला की साड़ी को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम ने अपनी नई प्रदर्शनी में लगाया है. अब सवाल उठता है कि आखिर इस साड़ी की ऐसी क्या खासियत है कि इसकी प्रदर्शनी लगाई गई. यह साड़ी इन दिनों चर्चा में है. 

 दरअसल, यह साड़ी इसरो वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ की है. हरिनाथ भारत में 'रॉकेट वुमन' के नाम से फेमस हैं. उन्होंने इस साड़ी को तब पहना था, जब वह भारत के ऐतिहासिक मंगलयान मिशन को हेड कर रही थीं. 

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हरिनाथ ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में 14 से अधिक मिशनों में योगदान दिया. अब इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए, स्मिथसोनियन म्यूजियम के आधिकारिक हैंडल ने इस साड़ी की प्रदर्शनी की तस्वीर लगाई है.

मंगलयान मिशन में निभाई थी अहम भूमिका
साथ ही लिखा है -  एक रॉकेट वैज्ञानिक और मार्स ऑर्बिटर मिशन की डेप्युटी ऑपरेशन डायरेक्टर के तौर पर हरिनाथ मिशन की प्लानिंग और ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं. छह से दस महीने के अपने मिशन से कहीं अधिक समय तक, अंतरिक्ष यान ने मंगल की सतह और वायुमंडल का डॉक्यूमेंटशन करते हुए कक्षा में आठ वर्ष बिताए थे.

 टीम की सफलता ने भारत को मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला पहला एशियाई देश और दुनिया का चौथा देश बना दिया.इस मिशन को लीड करने वाली महिला वैज्ञानिक लीडर की पहनी हुई साड़ी उनकी राष्ट्रीय पहचान और अंतरिक्ष में भारत की सफलता का प्रतीक बन गईं.

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तस्वीर में एक डमी में साड़ी लिपटा दिखाई दे रहा है. वहीं आगे पोस्ट में लिखा है -  लाल और नीले रंग की बारीक डिजाइन वाली साड़ी के साथ एक नीला रंग के कपड़े का ब्लाउज भी है.

नंदिनी हरिनाथ कौन हैं?
भारत में जन्मी और पली-बढ़ी हरिनाथ एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जहां पढ़ाई-लिखाई को बहुत महत्व दिया जाता है. उनकी मां गणित की शिक्षिका और पिता इंजीनियर थे. उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है. वह इसरो से जुड़ी वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने मंगलायन प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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