आज के बदलते दौर में एक बेहतरीन करियर और अच्छी सैलरी के लिए विदेश जाने का चलन तेजी से आगे बढ़ रहा है. कई युवा का ये सपना होता है लेकिन केवल बड़ी दिखने वाली सैलरी हमेशा सही हो जरूरी नहीं है. हाल में एक ऐसा ही सवाल सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बन गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक भारतीय कर्मचारी ने दुबई और भारत में नौकरी के विकल्पों को लेकर कन्फ्यूजन साझा किया है.
शख्स ने बताया कि उसे दुबई में 8000 AED यानी कि 1.98 लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी का ऑफर मिला है जबकि वो हाल में गुड़गांव में 72,000 रुपये टेक-होम सैलरी पर काम कर रहा है. सोशल मीडिया पर युवक ने पूछा कि क्या अधिक सैलरी के लिए दुबई जाना समझदारी होगी या भारत में रहना बेहदर होगा. उसके इस सवाल ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ये ट्रेंड कितना सही है?
पोस्ट कर किया सवाल
यूजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मुझे दुबई में 8000 दिरहम की नौकरी ऑफर हुई है. नौकरी उतनी अच्छी नहीं है, लेकिन सैलरी ठीक मिल रही है. हाल में मैं गुड़गांव में 72000 रुपये की नौकरी कर रहा हूं. ऐसे में मुझे दुबई जाना चाहिए या गुड़गांव में ही रहना चाहिए.
महंगी लाइफस्टाइल को लेकर जताई चिंता
रेडिट पर कई लोगों ने इस पोस्ट के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है. एक यूजर कहता है कि 8000 दिरहम में दुबई जैसी जगह पर गुजारा करना मुश्किल हो सकता है. दूसरे यूजर ने लिखा कि किराया, खाना, बिजली, पानी, इंटरनेट और ट्रांसपोर्ट वहां पर हर कुछ बहुत महंगा है. अगर आप शेयरिंग रूम में रहते हैं तो, खर्च कुछ कम हो सकता है लेकिन अकेले रहना में वहां पर गुजारा नहीं हो सकता है.
कुछ यूजर्स ने दिया साथ
हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि अगर व्यक्ति युवा है और उस पर ज्यादा जिम्मेदारियां नहीं होती हैं, तो वो 8000 दिरहम में अपना जीवन चला सकता है. दूसरे यूजन ने लिखा कि ये सैलरी बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन अगर आप अकेले है और शुरुआत करना चाहते हैं, तो एक बार ये ट्राई किया जा सकता है. लेकिन कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि अच्छी लाइफस्टाइल और सुविधाओं के मामले में दुबई, गुड़गाव से कई गुना बेहतर है.
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