जॉब के लिए इंडिया छोड़ क्यों चुना नीदरलैंड्स? युवक ने बताए 7 बड़े कारण, पोस्ट वायरल

एक भारतीय युवक ने नीदरलैंड्स में काम करने के अपने फैसले के पीछे सात कारण बताए हैं, जिनमें टैक्स में राहत, बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस और उच्च जीवन स्तर शामिल हैं.

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नीदरलैंड्स में 98 फीसदी लोग इंग्लिश बोलते हैं (Photo:Insta/@Anuj Sharma and Pixabay) नीदरलैंड्स में 98 फीसदी लोग इंग्लिश बोलते हैं (Photo:Insta/@Anuj Sharma and Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए विदेश में नौकरी का सपना अब सिर्फ अमेरिका या ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा है. सोशल मीडिया पर भारतीय फाइनेंस प्रोफेशनल अनुज शर्मा की एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने काम के लिए नीदरलैंड्स को क्यों चुना और यह फैसला उनके लिए कैसे बिल्कुल सही साबित हुआ.

अनुज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया-मैंने किसी भी दूसरे देश की बजाय नीदरलैंड्स में काम करने का फैसला क्यों किया. ये पोस्ट अब वायरल है. उनका कहना है कि ये वजहें उनके निजी अनुभवों पर आधारित हैं और हर किसी की परिस्थिति अलग हो सकती है.इसके बावजूद, इन 7 कारणों ने हजारों यूजर्स का ध्यान खींचा और पोस्ट को खूब लाइक व शेयर मिला.

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1. टैक्स में बड़ी बचत

नीदरलैंड्स में एक्सपैट्स के लिए 30% रूलिंग लागू है.यानी पहले 5 साल तक सैलरी का 30% हिस्सा टैक्स-फ्री.अनुज का कहना है कि इससे इन-हैंड सैलरी काफी बढ़ जाती है.

2. मजबूत जॉब सिक्योरिटी

अनुज के अनुसार, यहां लेबर लॉ सख्त हैं और कर्मचारी अधिकार मजबूत है. इससे ऑफिस में सुरक्षा और स्थिरता महसूस होती है.

3. हर जगह इंग्लिश, भाषा की दिक्कत नहीं

करीब 98 फीसदी लोग इंग्लिश बोलते हैं, इसलिए नए लोगों को भाषा को लेकर किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती.

4. वर्क-लाइफ बैलेंस असली मायने में मौजूद

अनुज लिखते हैं कि यहां वर्क-लाइफ बैलेंस सिर्फ बातें नहीं, बल्कि रियलिटी है.ऑफिस टाइम के बाद पर्सनल लाइफ में दखल नहीं होता.लोग 29–36 घंटे प्रति सप्ताह काम करते हैं.

5. हाई क्वालिटी ऑफ लाइफ

सुरक्षित सड़कें, साफ शहर और शांत माहौल है.अनुज के मुताबिक, यह सब मिलकर जीवन को बेहद आसान और सुरक्षित बनाते हैं.

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6. शानदार पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साइक्लिंग कल्चर

यहां कार रखना कोई जरूरी बात नहीं.ट्रेन, बस और साइकिल से सफर आसान, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल है.

7. सबकुछ सिस्टमेटिक और ऑर्गनाइज्ड

पेपरवर्क से लेकर सरकारी सेवाओं तक, हर चीज प्रक्रिया में बंधी हुई है.अनुज का कहना है कि इससे तनाव कम होता है और मानसिक शांति बढ़ती है।

देखें वायरल वीडियो

नीदरलैंड्स के वर्क कल्चर का उदाहरण

हाल ही में एक एक्सपैट ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने सुबह 6 बजे ईमेल भेजा था.इसके बाद मैनेजमेंट ने मीटिंग बुलाकर पूछा-क्या आप ओवरवर्क या प्रेशर में हैं? यह बताता है कि नीदरलैंड्स में कर्मचारियों की भलाई को सबसे ज़्यादा महत्व दिया जाता है.

कैसा है ये देश

नीदरलैंड्स यूरोप का उत्तर-पश्चिमी देश है, जिसे हॉलैंड भी कहा जाता है. नहरें, पवनचक्कियां और साइकिल कल्चर इसकी खास पहचान हैं. यहां की आबादी लगभग 1.8 करोड़ है. राजधानी एम्स्टर्डम है और देश की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत मानी जाती है. नीदरलैंड्स का वर्क कल्चर भी काफी संतुलित है, जहां औसतन 38 घंटे प्रति सप्ताह काम किया जाता है.

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