नर्सरी की फीस ₹3.7 लाख, मां बोली- SIP में निवेश करना ज्यादा बेहतर

गुरुग्राम की एक मां ने अपने बच्चे की नर्सरी की ₹1.24 लाख तिमाही फीस का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. उन्होंने मजाक में कहा कि इतनी फीस देने के बजाय वे बच्चे को घर पर पढ़ाने और पैसे निवेश करने का सोच रही हैं.

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कुछ यूजर्स ने कहा कि आज के समय में स्कूल की पढ़ाई का महत्व कम हो रहा है. ( Photo: Pexels) कुछ यूजर्स ने कहा कि आज के समय में स्कूल की पढ़ाई का महत्व कम हो रहा है. ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:32 AM IST

गुरुग्राम में एक बच्चे की नर्सरी फीस को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है. यह मामला तब सामने आया जब एक फाउंडर ने अपने बच्चे की स्कूल फीस का स्क्रीनशॉट शेयर किया. गुरुग्राम की एक कंपनी 'द पीपल स्टूडियो' की फाउंडर पूजा सेतिया ने लिंक्डइन पर बताया कि उनके बच्चे की नर्सरी की एक तिमाही (3 महीने) की फीस ₹1,24,780 है. यानी पूरे साल की फीस करीब ₹3.7 लाख बैठती है. यह देखकर लोग हैरान रह गए और उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो गई.

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SIP से बच्चे का भविष्य होगा सुरक्षित
पूजा सेतिया ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि इतनी फीस देखकर वे अब 'होम स्कूलिंग' (घर पर पढ़ाई) के बारे में सोच रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही पैसे हर महीने निवेश (SIP) में डाल दिए जाएं, तो बच्चे का भविष्य ज्यादा सुरक्षित हो सकता है.उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी.
कुछ लोगों ने कहा कि इतनी फीस बहुत ज्यादा है. एक यूजर ने लिखा कि उसने अपनी पूरी पढ़ाई (ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन) इससे कम पैसों में पूरी कर ली थी. वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि गुरुग्राम जैसे शहरों में यह आम बात है, खासकर इंटरनेशनल स्कूलों में फीस बहुत ज्यादा होती है.

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि आज के समय में स्कूल की पढ़ाई का महत्व कम हो रहा है और बहुत सी चीजें घर पर भी सिखाई जा सकती हैं. उनका मानना है कि बच्चों को खेल और दूसरी एक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. हालांकि, कई लोगों ने पूजा सेतिया की बात से सहमति नहीं जताई. उन्होंने कहा कि महंगे स्कूल में पढ़ाना एक चॉइस है, मजबूरी नहीं. एक यूजर ने लिखा कि सस्ते और अच्छे स्कूल भी मौजूद हैं, लेकिन लोग स्टेटस और दिखावे के लिए महंगे स्कूल चुनते हैं. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर किसी को फीस ज्यादा लग रही है, तो उसे दूसरे विकल्प चुनने चाहिए, क्योंकि किसी ने मजबूर नहीं किया है.

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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कुल मिलाकर, इस पोस्ट ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है. क्या महंगी शिक्षा वाकई जरूरी है या सिर्फ एक दिखावा बन गई है? यह मामला यह भी दिखाता है कि आज के समय में बच्चों की पढ़ाई का खर्च तेजी से बढ़ रहा है, जिससे माता-पिता चिंतित हैं.

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