गूगल में नौकरी के बाद भी 3 महीने कार में सोया, ऑफिस में खाया खाना.. चौंका देगी वजह

गूगल में नौकरी मिलने के बाद केंटो मोरीता सैन फ्रांसिस्को के महंगे किराए का खर्च नहीं उठा सके, इसलिए उन्होंने तीन महीने तक अपनी कार में रहकर काम किया। गूगल की फ्री सुविधाओं जैसे खाना, जिम और शॉवर ने उन्हें मदद दी.

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गूगल में नौकरी पाने के बाद केंटो मोरीता सैन फ्रांसिस्को के महंगे किराए का खर्च नहीं उठा सके, इसलिए उन्होंने तीन महीने तक अपनी कार में रहकर ऑफिस किया. (Photo: AI Generated) गूगल में नौकरी पाने के बाद केंटो मोरीता सैन फ्रांसिस्को के महंगे किराए का खर्च नहीं उठा सके, इसलिए उन्होंने तीन महीने तक अपनी कार में रहकर ऑफिस किया. (Photo: AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया में रहने वाले केंटो मोरीता को जब गूगल में नौकरी मिली, तो वो बेहद खुश थे, लेकिन उनके सामने एक बड़ी समस्या थी. किराया बहुत महंगा था! उन्होंने बताया कि 2019 में सैन फ्रांसिस्को में एक बेडरूम का किराया करीब $3,600 (लगभग ₹3 लाख) था, जिसे वह अफोर्ड नहीं कर सकते थे. ऐसे में गूगल में काम करने का मौका न खोने के लिए मोरीता ने तीन महीने तक अपनी कार में ही रहने का फैसला किया. बिजनेस इनसाइडर के लिए लिखे एक लेख में उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान उन्होंने झूठ बोला था. उन्होंने कहा था कि उनका परिवार बे एरिया में है, ताकि कंपनी को उनकी रहने की दिक्कत का पता न चले.

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कार को बनाया अपना घर
मोरीता का कहना है, “मैंने सोचा था, नौकरी मिलने के बाद कुछ न कुछ इंतज़ाम हो जाएगा. लेकिन सच ये है कि बे एरिया का किराया इतना ज़्यादा था कि कार ही मेरा घर बन गई. केंटो मोरीता ने जब बे एरिया में किराया न दे पाने के कारण अपनी 2005 वोल्वो कार में रहना शुरू किया, तो उन्होंने इसे “चलता-फिरता घर” बना लिया. उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल बेचकर ये कार खरीदी और साइकिल से ऑफिस आते-जाते थे.

तीन महीने तक गूगल का खाना खाकर रहा जिंदा
मोरीता ने बताया कि गूगल की सुविधाएं उनके लिए वरदान साबित हुईं. फ्री खाना, जिम, शॉवर और कपड़े धोने की सुविधा ने उनका काफी खर्च बचा लिया. मोरीता ने बताया, “मैं सुबह जिम में नहाता, ऑफिस में कपड़े धोता और फिर रात में कार में सो जाता था. उन्होंने खिड़कियों पर कार्डबोर्ड और कपड़े से पर्दे बना लिए ताकि कोई देख न सके. हालांकि, कार के अंदर ठंड बहुत लगती थी, इसलिए वो सुबह 5 बजे उठकर जल्दी ऑफिस चले जाते थे. ये दिनचर्या करीब तीन महीने चली, जब तक कि उनके पुराने अपार्टमेंट की लीज खत्म नहीं हुई. बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क ऑफिस ट्रांसफर ले लिया और वोल्वो बेचकर वहां स्टूडियो अपार्टमेंट किराए पर लिया.

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