ऑफिस में 10 मिनट की देरी… और सीधे नौकरी से छुट्टी! अक्सर लोग कहते हैं 'अरे यार, बस 5–10 मिनट लेट हुआ हूं', लेकिन अगर यही 10 मिनट आपकी नौकरी पर भारी पड़ जाए तो? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मामले में एक कर्मचारी को लगातार कुछ मिनट देर से ऑफिस पहुंचने की ऐसी सजा मिली, जिसे जानकर लोग हैरान भी हैं और गुस्सा भी. बिना चेतावनी, बिना आखिरी मौका—सीधे टर्मिनेशन! यही वजह है कि यह मामला इंटरनेट पर काफी चर्चा में है.
पांच दिनों तक ऑफिस में 10–15 मिनट देर से पहुंचा
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक मामला सामने आया है, जहां एक कर्मचारी को सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि वह लगातार पांच दिनों तक ऑफिस में 10–15 मिनट देर से पहुंच रहा था. कर्मचारी का कहना है कि उसे पहले कोई चेतावनी तक नहीं दी गई थी.कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में बताया कि एक दिन जब वह लगभग 10 मिनट देर से ऑफिस पहुंचा, तो सीनियर मैनेजमेंट ने उसकी एंट्री को आधे दिन की छुट्टी मानने की बात कही. इस पर कर्मचारी ने कहा कि अगर थोड़ी सी देरी को भी आधा दिन माना जाएगा, तो फिर लंच के बाद आना ज्यादा बेहतर होगा.
सिर्फ ई-मेल भेजकर नौकरी से निकाला
इसके बाद कंपनी की ओर से कर्मचारी को एक आधिकारिक ईमेल भेजा गया, जिसमें उसे नौकरी से हटाने की जानकारी दी गई. ईमेल में कंपनी ने साफ तौर पर लिखा कि कर्मचारी का व्यवहार कंपनी की आचार संहिता और अनुशासन से जुड़े नियमों के अनुरूप नहीं है. कंपनी का कहना था कि लगातार देर से ऑफिस पहुंचना काम के प्रति लापरवाही को दर्शाता है और इससे वर्कप्लेस का अनुशासन बिगड़ता है. इसके अलावा, मैनेजमेंट के साथ की गई बातचीत को भी कंपनी ने असम्मानजनक बताया. ईमेल में यह भी लिखा गया कि इस तरह का रवैया न सिर्फ टीम के कामकाज पर असर डालता है, बल्कि ऑफिस के पेशेवर माहौल को भी नुकसान पहुंचाता है. इन्हीं कारणों को आधार बनाते हुए कंपनी ने कर्मचारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया.
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कई लोगों ने कहा कि बिना चेतावनी के सिर्फ 10–15 मिनट की देरी पर नौकरी से निकालना गलत है. वहीं कुछ यूजर्स का मानना था कि कर्मचारी का जवाब देने का तरीका स्थिति को और बिगाड़ गया. एक यूजर ने लिखा कि कॉर्पोरेट दुनिया में ऐसे फैसले अचानक लिए जाते हैं. दूसरे ने कहा कि थोड़ी देरी पर नौकरी से निकालना सही नहीं है, लेकिन बार-बार ऐसी बात कहना कि आप और देर से आएंगे, समझदारी नहीं है. कुल मिलाकर यह मामला कार्यस्थल के नियमों, अनुशासन और संवाद के तरीके को लेकर बड़ी बहस का विषय बन गया है.
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