पाब्लो एस्कोबार से एल मेंचो तक... वो ताकतवर ड्रग लॉर्ड, जिनसे अमेरिका भी डरता था!

एल मेंचो मैक्सिको में 'कार्टेल जलिस्को नुएवा जेनरेशन' नाम से ड्रग्स तस्करी का धंधा चला रहा था. इसे मैक्सिकन मिलिट्री ने एक ऑपरेशन के दौरान मार गिराया है. मेंचो से पहले भी मैक्सिको और कोलंबिया में एक से बढ़कर एक कार्टेल लीडर और ड्रग माफिया रहे हैं. पाब्लो एस्कोबार और एल चापो जैसे माफिया से तो पूरी दुनिया वाकिफ है. ऐसे में नजर डालते हैं मैक्सिको और कोलंबिया के इन बड़े ड्रग माफियाओं की कहानी पर.

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एल मेंचे से लेकर पाब्लो एस्कोबार तक मैक्सिको और कोलंबिया के ड्रग लॉर्ड्स की कहानियां (Photo - Getty) एल मेंचे से लेकर पाब्लो एस्कोबार तक मैक्सिको और कोलंबिया के ड्रग लॉर्ड्स की कहानियां (Photo - Getty)

सिद्धार्थ भदौरिया

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

मैक्सिको में ड्रग माफिया 'एल मेंचो' की मौत के बाद से जगह-जगह हिंसा भड़क गई है.एक मिलिट्री ऑपरेशन में इस कार्टेल लीडर को मार गिराया गया. मैक्सिको के लिए ये कोई नई बात नहीं है. कोकीन जैसे मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कार्टेल्स संस्कृति छोटे-छोटे लैटिन अमेरिकी देशों में इतनी गहराई से पैठ बना चुकी है कि इसे जड़ से उखाड़ पाना अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के लिए भी मुश्किल है. 

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इन ड्रग्स माफिया और कार्टेल्स ने दशकों से अमेरिका को परेशान कर रखा है. क्योंकि अमेरिका दुनिया भर में कोकीन का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. इसके अलावा हेरोइन से लेकर मारिजुआना तक कई अन्य नशीले पदार्थों की भी अमेरिका में भारी डिमांड रहती है. अमेरिकी लोगों के इस डिमांड को मैक्सिको और कोलंबिया जैसे लैटिन अमेरिकी देशों में बैठे पाब्लो एस्कोबार, एल चेपो, मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो, अमाडो कैरिलो जैसे ड्रग्स लॉर्ड्स पूरा करते आए हैं. ये ड्रग माफिया किसी समय इतने शक्तिशाली थे कि इनका एक सामानांतर शासन कोलंबिया और मैक्सिको जैसे देशों में चलता था. 

कोकीन जैसे प्रतिबंधित ड्रग्स कोलंबिया और मैक्सिको जैसे देशों से अमेरिका कैसे पहुंचा इसे समझने के लिए मैक्सिको और कोलंबिया के बड़े कार्टेल लीडर की कहानी जानना जरूरी है. अधिकांश लोग पाब्लो एस्कोबार की कहानियों का हवाला देकर यह मान सकते हैं कि सारा कोकीन सीधे कोलंबिया से आता है. यह सही भी है, लेकिन कोलंबिया से अमेरिका तक कोकीन को पहुंचाने में मैक्सिको का बड़ा रोल रहा है.  कोलंबियन ड्रग्स लीडर्स को 70 और 80 के दशक में अमेरिका तक कोकीन पहुंचाने में जब मुश्किल होने लगी, तब उन्होंने मैक्सिको के छोटे-छोटे हिस्से में फैले गांजे की तस्करी  करने वाले गैंग का सहारा लेना शुरू किया. 

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कोलंबिया से मैक्सिको तक कोकीन स्मगलिंग का जाल
मैक्सिको के छोटे-छोटे गांजा तस्कर, जिनमें सिनालोआ कार्टेल, ग्वाडाहारा कार्टेल, कैलिफोर्निया बाजा गैंग जैसे छोटे ग्रुप शामिल थे. इनका अपना स्मगलिंग रूट था, जिसके जरिये ये अमेरिका तक गांजा पहुंचाते थे. इन छोटे गैंग के तस्करी के रास्तों का फायदा उठाने के लिए  कोलंबियन कोकीन तस्कर - कैली कारटेल और पाब्लो एस्कोबार जैसे बड़े ड्रग लॉर्ड्स ने मैक्सिकन कारटेल्स से हाथ मिलाया. 

पाब्लो एस्कोबार... दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग लॉर्ड 
अमेरिका में जब्त की गई 95 प्रतिशत कोकीन कोलंबिया में उत्पादित होती है. एक समय अमेरिका में इस कोकीन का सबसे बड़ा सप्लायर कोलंबिया और पूरी दुनिया का अब तक का सबसे खूंखार और बड़ा ड्रग तस्कर पाब्लो एस्कोबार था.  इसका पूरा नाम पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गैविरिया था. यह कोलंबिया के मेडेलिन शहर में रहता था. यही वजह है कि एस्कोबार के कार्टेल का नाम मेडेलिन कार्टेल था. हालांकि, पाब्लो का जन्म कोलंबिया के रियोनेग्रो शहर में हुआ था. उसके पिता किसान थे और उसका बचपन गरीबी में बीता था. उसने शुरुआत सड़कों पर चोरी और छोटे-मोटे स्मगलिंग से की. 1970 में वह कोकीन तस्करी के कारोबार में उतार और फिर मेडेलिन कार्टेल की स्थापना की. 80 के दशक में  अमेरिका और यूरोप में सप्लाई होने वाला 80 प्रतिशत कोकीन मेडेलिन कार्टेल का था. 

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अपनी पत्नी के साथ पॉब्लो एस्कोबार                                                                                                   (File Photo - Getty)

कोकीन की तस्करी कर पाब्लो दुनिया का सातवां सबसे धनी इंसान बन गया था. 1989 में फोर्ब्स ने पाब्लो एस्कोबार को दुनिया का सातवां सबसे अमीर शख्स बताया था. ड्रग्स के पैसे से उसने कोलंबिया में कई अच्छे काम भी किए और इस तरह उसने वहां की राजनीति में भी अच्छी खासी पकड़ बना ली. कहा तो यहां तक जाता है कि एक समय वह पर्दे के पीछे से कोलंबिया की सरकार यानी पूरा देश चलाता था. इस पाब्लो एस्कोबार ने अमेरिका तक ड्रग्स पहुंचाने के लिए मैक्सिको के ड्रग्स तस्कर मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो से भी हाथ मिलाया था. हालांकि, मिगुएल का बड़ा धंधा केली  कारटेल के साथ था और इस तरह कोलंबियन कारटेल के सहयोग से ही मैक्सिको में भी कोकीन ड्रग माफिया शक्तिशाली होते गए. क्योंकि आने वाले समय में मिगुएल मैक्सिको के सभी कारटेल्स के बीच सबसे बड़ा नाम बन गया था. 

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1991 में पाब्लो ने एक विमान में बम विस्फोट करवाया. इसमें 10 लोग मारे गए थे.  माना जाता था कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सेसार गैविरिया भी यात्रियों में शामिल थे. हालांकि वो विमान में सवार नहीं थे. इस घटना के बाद कोलंबियाई सरकार ने एस्कोबार द्वारा फैलाए गए आतंक और मादक पदार्थों के जाल को खत्म करने के लिए अमेरिकी रक्षा एजेंसी (डीईए) से सहायता मांगी. 2 दिसंबर 1993 को कोलंबिया के मेडेलिन में अमेरिकी एजेंसी और कोलंबियन पुलिस ने मिलकर ऑपरेशन 'सर्च ब्लॉक' चलाया, जिसमें  पाब्लो एस्कोबार को मार गिराया गया. 

मैक्सिको का 'बॉस ऑफ बॉसेस' मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो
मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो, मैक्सिको के ग्वाडाहारा कार्टेल का बॉस था. इसे  बॉस ऑफ बॉसेस के नाम से जाना जाता था. 1980 के दशक में  एक समय तक मेक्सिको से संयुक्त राज्य अमेरिका तक होने वाली सभी अवैध ड्रग तस्करी को फेलिक्स नियंत्रित करता था. एल चेपो से लेकर, सिनालोआ कार्टेल के पूर्व बॉस पाल्मा सालाजार, अमाडो कैरिलो, विसेंट कैरिलो फुएंतेस तक सभी मैक्सिकन कार्टेल मिगुएल के लिए काम करते थे.  मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो ने मैक्सिको के सभी छोटे कार्टेल को जोड़ने का काम किया. उसने कोकीन की तस्करी को मैक्सिको में ऑर्गनाइज्ड करने की कोशिश की. कहा जाता है कि उसने इसके लिए एक सिंडिकेट मॉडल भी अपनाया था. फेलिक्स गैलार्डो को 1985 में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के एजेंट एनरिक "किकी" कैमेरेना की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उन्हें मैक्सिको का सबसे शक्तिशाली ड्रग तस्कर माना जाता था.

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'एल चापो'... सबसे शातिर ड्रग लीडर
एल चापो मैक्सिकन सिनालोआ कार्टेल का लीडर था. उसका पूरा नाम जोकिन एल चापो गुज़मैन है. शुरुआत में वह वह एल गुएरो पाल्मा के लिए काम करता था. गुएरो पाल्मा को पाल्मा सालाजार के नाम से भी जाना जाता है. पहले वही सिनालोआ कार्टेल का नेता था. मैक्सिको का सिनालोआ कार्टेल और जुआरेज कार्टेल दोनों मिलकर काम करते थे और अमेरिका तक कोकीन की खेप पहुंचाते थे. एल चापो का काम संयुक्त राज्य अमेरिका जानी वाली कोकीन की खेप की निगरानी करता था. शुरुआत में वह इनके सहायक के तौर पर काम करता रहा. फिर उसने अपना रूप दिखाना शुरू किया. धीरे-धीरे वह मेक्सिको के सबसे धनी और शक्तिशाली गिरोह, सिनालोआ कार्टेल का नेता बन गया. एल चापो तीन बार गिरफ्तार हुआ. उसकी अंतिम गिरफ्तारी 8 जनवरी 2016 को हुई. एल चापो अपने पूर्ववर्ती कार्टेल लीडर से कहीं ज्यादा ताकतवर और हिंसक माना गया. 

कैली कार्टेल (गिलबर्टो रोड्रिगेज़ और मिगुएल रोड्रिगेज़ ओरेजुएला)
कैली कार्टेल एक ताकतवर कोलंबियाई ड्रग तस्करी गैंग था. इसका संचालन दो भाई करते थे - गिल्बर्टो और मिगुएल रोड्रिगेज ओरेजुएला. गिल्बर्टो और मिगुएल दोनों का पाब्लो एस्कोबार गुट से टकराव होता रहता था. खासकर, छोटे भाई मिगुएल रोड्रिग्ज कुछ ज्यादा ही हिंसक था. इस दोनों भाईयों ने मैक्सिको के मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो यानी ग्वाडाहारा कार्टेल और दूसरे गैंग के साथ मिलकर लंबे समय तक काम किया. कैली कार्टेल पाब्लो का प्रतिद्वंदी माना जाता था. 

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बड़े भाई गिलबर्टो रोड्रिगेज़ ओरेजुएला ने अपने भाईयों और जोस सैंटक्रूज़ लोंडोनो के साथ मिलकर उन्होंने 'लॉस चेमास' नामक एक गिरोह बनाया था, जो जबरन वसूली और रिश्वतखोरी जैसे काम करता था. फिर बाद में कोकीन के धंधे से जुड़ गया. गिलबर्टो को 1995 में गिरफ्तार कर लिया गया था. 

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