'किस हक से मिडिल ईस्ट को युद्ध में झोंका..? दुबई के अरबपति का फूटा गुस्सा, ट्रंप पर साधा निशाना

ईरान-इजरायल की जंग के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच दुबई के अरबपति बिजनेसमैन खलफ अहमद अल हब्तूर का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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दुबई के इस अरबपति ने ट्रंप की पहले घोषित शांति की कोशिशों पर भी सवाल उठाया (Photo:X/@KhalafAlHabtoor and AP) दुबई के इस अरबपति ने ट्रंप की पहले घोषित शांति की कोशिशों पर भी सवाल उठाया (Photo:X/@KhalafAlHabtoor and AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:30 AM IST

ईरान-इजरायल की जंग में सबसे बड़ी मार मिडिल ईस्ट को झेलनी पड़ रही है. ईरान के ड्रोन यूएई, कतर, बहरीन में अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बना रहे हैं, लेकिन उसके साथ ही कुछ रिपोर्ट के मुताबिक ये रिहायशी इलाकों में भी जा रहे हैं. इस निशाने पर दुबई भी आ रहा है. ऐसे वक्त दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर होने का दावा करने वाले दुबई में अफरा-तफरी का माहौल है. धीरे-धीरे वहां के बिजनेसमैन और आम लोग इन हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उनके भीतर अमेरिका के खिलाफ गुस्सा भी दिखने लगा है.

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ऐसे ही एक दुबई के बिजनेसमैन हैं खलफ अहमद अल हब्तूर, जिनकी गिनती दुबई के अरबपतियों में होती है. उनका एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. डोनाल्ड ट्रंप से लेकर अमेरिका तक पर उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस अधिकार के आधार पर ट्रंप ने ऐसा 'खतरनाक फैसला' लिया, जिससे पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध के खतरे में आ गया.

ट्रंप से सीधा सवाल

5 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में अल हब्तूर ने लिखा, “माननीय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, एक सीधा सवाल-किसने आपको यह अधिकार दिया कि आप हमारे क्षेत्र को ईरान के साथ युद्ध में धकेल दें? और किस आधार पर आपने यह खतरनाक फैसला लिया?”

उन्होंने आगे लिखा कि क्या इस फैसले से होने वाले नुकसान के बारे में पहले सोचा गया था या नहीं. उनके मुताबिक इस टकराव का सबसे बड़ा असर मिडिल ईस्ट के देशों पर ही पड़ेगा.

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देखें पोस्ट

‘हमारे क्षेत्र को युद्ध का मैदान क्यों बनाया?’

अल हब्तूर ने कहा कि ट्रंप के फैसले ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के देशों और अरब राज्यों को ऐसे खतरे के बीच ला खड़ा किया है, जिसे उन्होंने खुद नहीं चुना.उन्होंने लिखा कि हम मजबूत हैं और अपने देशों की रक्षा करने में सक्षम हैं, लेकिन सवाल यह है कि किसने आपको हमारे क्षेत्र को युद्ध का मैदान बनाने की अनुमति दी?

शांति पहल पर भी उठाए सवाल

दुबई के इस अरबपति ने ट्रंप की पहले घोषित शांति पहलों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता के नाम पर पहल की बात की गई थी, लेकिन अब हालात इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रहे हैं.उनके मुताबिक यह सैन्य तनाव पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल सकता है और इससे अमेरिका के लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है.

‘सच्ची नेतृत्व क्षमता युद्ध से नहीं, समझदारी से दिखती है’

अल हब्तूर ने कहा कि असली नेतृत्व युद्ध के फैसलों से नहीं बल्कि समझदारी, दूसरों के सम्मान और शांति स्थापित करने की कोशिशों से मापा जाता है. उन्होंने यह भी मांग की कि शांति के नाम पर किए गए वादों को लेकर पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए.

कौन हैं खलफ अहमद अल हब्तूर?

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खलफ अहमद अल हब्तूर दुबई के जाने-माने उद्योगपति हैं और अल हब्तूर ग्रुप के चेयरमैन हैं. वह दुबई नेशनल इंश्योरेंस एंड रीइंश्योरेंस कंपनी के भी चेयरमैन रह चुके हैं.

इसके अलावा वह कमर्शियल बैंक ऑफ दुबई के पूर्व चेयरमैन और अल जलीला फाउंडेशन के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं.

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