दिल्ली में रहने वाली एक महिला ने बताया कि शहर में किराए का घर ढूंढना उनके लिए स्टार्टअप शुरू करने से भी ज्यादा मुश्किल साबित हो रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी परेशानी शेयर की और लोगों से सलाह मांगी. Delhi में रहने वाली महिला नैमिषा, जो खुद को एक महिला संस्थापक हैं, ने कहा कि घर ढूंढना उनके लिए फंड जुटाने या टीम संभालने से भी ज्यादा कठिन है.
मकान मालिक करते हैं शक
उन्होंने बताया कि कई मकान मालिक ऐसे नियम बनाते हैं जो उन्हें गलत लगते हैं. उनके अनुसार, मकान मालिक बिना बताए फ्लैट में घुस आते हैं, अचानक किराया बढ़ा देते हैं और जब उन्हें पता चलता है कि वह स्टार्टअप चलाती हैं, तो उन पर शक करने लगते हैं. नैमिषा ने कहा कि मकान मालिक चाहते हैं कि किरायेदार हमेशा उनके नियमों के अनुसार रहें और उनकी सोच के हिसाब से खुद को ढालें, जिससे स्वतंत्र जीवन जीना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने बताया- मैं 27 साल की हूं. मकान मालिक का बिना बताए घर में आना मेरे अधिकारों का उल्लंघन है. एक अकेली महिला होने के कारण इससे मुझे असुरक्षित महसूस होता है.
महिला ने लोगों से मांगी सलाह
महिला ने कहा कि वह फिर से घर ढूंढ रही हैं और कंपनी शुरू करने के साथ-साथ यह प्रक्रिया बहुत थका देने वाली है. उन्होंने लोगों से मदद मांगते हुए कहा कि अगर किसी को ऐसे मकान मालिक के बारे में पता हो जो कामकाजी महिलाओं को सम्मान के साथ किराए पर घर देता हो, तो उन्हें जरूर बताएं. उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों की कई प्रतिक्रियाएं आई. कुछ लोगों ने उन्हें दूसरे शहर में रहने की सलाह दी.
लोगों ने Gurugram शिफ्ट होने की दी सलाह
एक यूजर ने कहा कि अगर संभव हो तो Gurugram शिफ्ट हो जाएं, वहां मकान मालिक ज्यादा सहनशील होते हैं. वहीं, दूसरे यूजर ने Mumbai, Hyderabad और Bangalore जैसे शहरों में जाने की सलाह दी. कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि मकान मालिक अक्सर सख्त नियम बनाते हैं, किरायेदारों की निजी जिंदगी में दखल देते हैं और खासकर अकेली महिलाओं पर ज्यादा निगरानी रखते हैं. लोगों का कहना है कि भारत का स्टार्टअप सिस्टम भले आधुनिक हो गया हो, लेकिन किराए के घर से जुड़ी सामाजिक सोच अभी भी पुरानी है.
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