चीन में तेजी से बदलते हालात के बीच एक अनोखा लेकिन चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है. बढ़ती अंतिम संस्कार लागत और कब्रिस्तान में जगह की कमी के कारण कई परिवार अपने प्रियजनों की अस्थियों को रखने के लिए खाली फ्लैट्स का इस्तेमाल करने लगे थे. अब सरकार ने इस पर सख्ती दिखाते हुए नए कानून के जरिए इस प्रथा पर रोक लगाने का फैसला किया है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल 'बोन ऐश अपार्टमेंट्स' नाम से पहचाने जाने वाले ये फ्लैट्स ऐसे खाली घर होते थे, जिन्हें परिवार अपने मृत रिश्तेदारों की अस्थियां रखने के लिए इस्तेमाल करते थे. इन अपार्टमेंट्स को एक तरह से श्रद्धा स्थल में बदल दिया जाता था, जहां कलश रखे जाते और धार्मिक रस्में निभाई जाती थीं. कई मामलों में ऐसे फ्लैट्स बाहर से बंद खिड़कियों और खींचे हुए पर्दों के कारण अलग से पहचाने जाने लगे थे.
क्यों बढ़ा ये ट्रेंड
इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्थिक दबाव है. चीन में प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट आई है.2021 के मुकाबले 2026 तक कीमतें करीब 40 फीसदी तक कम हो गईं. ऐसे में कई लोगों के लिए एक खाली फ्लैट खरीदना, महंगे कब्रिस्तान प्लॉट लेने से ज्यादा किफायती साबित होने लगा. दूसरी तरफ, कब्रिस्तान में जगह सीमित है और वहां भी प्लॉट स्थायी नहीं होते, बल्कि आमतौर पर 20 साल के लीज पर दिए जाते हैं, जिसे बाद में रिन्यूअल करना पड़ता है.
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दफनाने की लागत भी काफी ज्यादा है. उदाहरण के तौर पर, चांगपिंग तियानशोउ सेमेट्री में प्लॉट की कीमत 10,000 युआन से लेकर 2 लाख युआन तक जाती है. वहीं एक सामान्य कब्र के लिए 1.5 लाख से 3 लाख युआन तक खर्च करना पड़ सकता है, जिसे स्थानीय स्तर पर काफी महंगा माना जाता है. इसके अलावा, 2020 में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, अंतिम संस्कार का खर्च देश की औसत सालाना आय का लगभग आधा तक पहुंच चुका था.
सरकार ने क्या बनाए नए नियम
सरकार के नए नियमों के तहत अब रिहायशी संपत्तियों का इस्तेमाल 'विशेष रूप से अस्थियां रखने' के लिए करना प्रतिबंधित होगा. साथ ही, कब्रिस्तान या वैध इकोलॉजिकल क्षेत्रों के बाहर दफनाने की भी अनुमति नहीं होगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लोग अपने पूर्वजों को याद करने के लिए पारंपरिक तौर पर चिंगमिंग फेस्टिवल की तैयारी करते हैं.
इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है.कुछ लोगों का कहना है कि अगर कब्रिस्तान की कीमतें इतनी ज्यादा न होतीं, तो लोग इस तरह के विकल्प अपनाने को मजबूर नहीं होते. वहीं कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया है कि इस नियम को लागू करना कितना आसान होगा और अधिकारी कैसे तय करेंगे कि किसी फ्लैट का इस्तेमाल अस्थियां रखने के लिए हो रहा है या नहीं.
सरकार का कहना है कि वह अंतिम संस्कार से जुड़े खर्च और पारदर्शिता को लेकर भी नए नियम लागू करेगी, ताकि आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम किया जा सके.
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