चीन में मौत भी हुई महंगी! कब्रिस्तान की जगह घर बने अस्थि-स्थल, सरकार ने लगाया बैन

चीन में हालात ऐसे हो गए कि लोगों के लिए मरने के बाद की जगह भी महंगी पड़ने लगी. कब्रिस्तान के बढ़ते दाम और सीमित जगह से बचने के लिए कई परिवारों ने अपने प्रियजनों की अस्थियां रखने के लिए खाली फ्लैट खरीदने शुरू कर दिए, जिन्हें 'अस्थि-स्थल' में बदल दिया जाता था.

Advertisement
इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्थिक दबाव है (सांकेतिक तस्वीर:Pexel) इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्थिक दबाव है (सांकेतिक तस्वीर:Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:48 AM IST

चीन में तेजी से बदलते हालात के बीच एक अनोखा लेकिन चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है. बढ़ती अंतिम संस्कार लागत और कब्रिस्तान में जगह की कमी के कारण कई परिवार अपने प्रियजनों की अस्थियों को रखने के लिए खाली फ्लैट्स का इस्तेमाल करने लगे थे. अब सरकार ने इस पर सख्ती दिखाते हुए नए कानून के जरिए इस प्रथा पर रोक लगाने का फैसला किया है.

Advertisement

 बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल 'बोन ऐश अपार्टमेंट्स' नाम से पहचाने जाने वाले ये फ्लैट्स ऐसे खाली घर होते थे, जिन्हें परिवार अपने मृत रिश्तेदारों की अस्थियां रखने के लिए इस्तेमाल करते थे. इन अपार्टमेंट्स को एक तरह से श्रद्धा स्थल में बदल दिया जाता था, जहां कलश रखे जाते और धार्मिक रस्में निभाई जाती थीं. कई मामलों में ऐसे फ्लैट्स बाहर से बंद खिड़कियों और खींचे हुए पर्दों के कारण अलग से पहचाने जाने लगे थे.

क्यों बढ़ा ये ट्रेंड

इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्थिक दबाव है. चीन में प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट आई है.2021 के मुकाबले 2026 तक कीमतें करीब 40 फीसदी तक कम हो गईं. ऐसे में कई लोगों के लिए एक खाली फ्लैट खरीदना, महंगे कब्रिस्तान प्लॉट लेने से ज्यादा किफायती साबित होने लगा. दूसरी तरफ, कब्रिस्तान में जगह सीमित है और वहां भी प्लॉट स्थायी नहीं होते, बल्कि आमतौर पर 20 साल के लीज पर दिए जाते हैं, जिसे बाद में रिन्यूअल करना पड़ता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: चीन में बना दुनिया का सबसे लंबा एस्केलेटर, मिनटों में चढ़ जाएंगे पहाड़

दफनाने की लागत भी काफी ज्यादा है. उदाहरण के तौर पर, चांगपिंग तियानशोउ सेमेट्री में प्लॉट की कीमत 10,000 युआन से लेकर 2 लाख युआन तक जाती है. वहीं एक सामान्य कब्र के लिए 1.5 लाख से 3 लाख युआन तक खर्च करना पड़ सकता है, जिसे स्थानीय स्तर पर काफी महंगा माना जाता है. इसके अलावा, 2020 में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, अंतिम संस्कार का खर्च देश की औसत सालाना आय का लगभग आधा तक पहुंच चुका था.

सरकार ने क्या बनाए नए नियम

सरकार के नए नियमों के तहत अब रिहायशी संपत्तियों का इस्तेमाल 'विशेष रूप से अस्थियां रखने' के लिए करना प्रतिबंधित होगा. साथ ही, कब्रिस्तान या वैध इकोलॉजिकल क्षेत्रों के बाहर दफनाने की भी अनुमति नहीं होगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लोग अपने पूर्वजों को याद करने के लिए पारंपरिक तौर पर चिंगमिंग फेस्टिवल की तैयारी करते हैं.

इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है.कुछ लोगों का कहना है कि अगर कब्रिस्तान की कीमतें इतनी ज्यादा न होतीं, तो लोग इस तरह के विकल्प अपनाने को मजबूर नहीं होते. वहीं कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया है कि इस नियम को लागू करना कितना आसान होगा और अधिकारी कैसे तय करेंगे कि किसी फ्लैट का इस्तेमाल अस्थियां रखने के लिए हो रहा है या नहीं.

Advertisement

सरकार का कहना है कि वह अंतिम संस्कार से जुड़े खर्च और पारदर्शिता को लेकर भी नए नियम लागू करेगी, ताकि आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम किया जा सके.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement