अंतिम संस्कार की हो रही थी तैयारी, तभी बॉडी में कुछ ऐसा दिखा, लेकर भागे अस्पताल

अस्पताल में जिस शख्स को मुर्दा घोषित कर अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया था. दफनाने से पहले बॉडी में कुछ ऐसा दिखा कि उसे दोबारा अस्पताल लेकर आना पड़ा.

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मुर्दा घर में पड़ा शख्स अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हो गया (Photo - Pexels) मुर्दा घर में पड़ा शख्स अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हो गया (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:18 PM IST

अस्पताल में एक शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए क्रेमेनेशन सेंटर के मुर्दाघर भेज दिया गया. उस मुर्दाघर के एक स्टाफ ने देखा की शव की सांसें चल रही थी. इसके बाद अस्पताल को सूचना दी गई. डॉक्टर्स वहां पहुंचे और जिस डॉक्टर ने उस शख्स को मृत घोषित किया था, वो भी जांच के लिए पहुंचा हुआ था. डॉक्टर यह देखकर दंग रह गए. यह घटना ब्राजील के एक हॉस्पिटल की है. मुर्दा घर में जीवित मिले शख्स की उम्र 88 साल बताई जाती है.  

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द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील के एक अस्पताल में 88 साल के जुरासी रोजा एल्व्स को 16 मई को भर्ती किया गया था. जहां डॉक्टर ने उन्हें सांस लेने संबंधी समस्या  की वजह से मृत घोषित कर दिया. इसके बाद एक शवगृह से संपर्क किया गया और बुजुर्ग के शव को अंतिम संस्कार की सामान्य प्रक्रियाओं के लिए वहां भेज दिया गया.

जब कर्मचारी शव को अंतिम संस्कार के लिए तैयार कर रहे थे, तब उन्हें जीवन के कुछ संकेत दिखाई दिए.  शवगृह के कर्मचारियों ने बुजुर्ग को सांस लेते हुए देखा तो वे हैरान रह गए.  इसके बाद उसे तुरंत वापस अस्पताल ले जाया गया.

अंतिम संस्कार से पहले बॉडी में दिखी हलचल
अंतिम संस्कार गृह की तकनीकी नर्सिंग सुपरवाइजर जैकलीन ब्रोगियाटो ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमारे अंतिम संस्कार कर्मचारियों ने एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर के तहत शव की जांच की. जब लैब में शव को मेज पर लिटाया गया, तो उन्होंने पेट में असामान्य हलचल देखी और उन्हें यकीन नहीं था कि वह सांस ले रहा है या नहीं.

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शुरुआत में, जब हमें पता चला कि उसमें जीवन के लक्षण हैं, तो हमारा एकमात्र विचार उसे बचाना था. इसलिए मैंने इमरजेंसी सर्विस के आने तक उसकी सांस की नली को साफ करने की कोशिश करते हुए शुरुआती देखभाल की. डॉक्टर ने तुरंत उन्हें बेहोश कर इंट्यूबेट करना शुरू कर दिया ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुविधा केंद्र ले जाया जा सके. एल्व्स को ब्राजील के प्रेसिडेंटे प्रूडेंटे शहर के उसी अस्पताल में ले जाया गया, जहां वे कल तक भर्ती थे.

इस घटना को लेकर अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और उन्होंने इस घटना को सही तरीके से मदद न करने यानी लापरवाही के के रूप में दर्ज किया है. पुलिस ने उस चिकित्सक की पहचान का खुलासा नहीं किया है जिसने एल्व्स को मृत घोषित किया था.

एमिलियानोपोलिस में रहने वाले एल्व्स को गंभीर लेकिन स्थिर स्थिति में आईसीयू में इंट्यूबेट किया गया है. परिवार की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे कार्लोस अल्बर्टो कार्नेइरो ने बताया कि जुरासी का इलाज कर रहे अस्पताल में उनकी उम्र और उचित देखभाल नहीं मिलने की वजह से उनकी हालत और बिगड़ गई होगी.

अब आईसीयू में भर्ती हैं बुजुर्ग
इस घटना को लेकर एल्व्स के एक रिश्तेदार ने बताया कि मेरी चाची उनके अंतिम संस्कार के लिए कागजी कार्रवाई और कपड़े तैयार करने घर गई थीं. जब वे वहां पहुंचीं, तो मेरी चाची और मेरे चचेरे भाई को देरी अजीब लगी. फिर मेरे चचेरे भाई को बताया गया कि उसे शव को तैयार करने के लिए शवगृह ले जाया गया था और वहां पहुंचने पर शवगृह के कर्मचारियों ने एल्व्स में जीवन के संकेत देखे - वह सांस ले रहे थे और वे हिल-डुल रहे थे. 

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इसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया. अब एल्व्स आईसीयू में भर्ती है. वहीं प्रेसीडेंट बर्नाडेस के उस अस्पताल ने घोषणा की है कि वह इस मामले की इंटरनल  जांच करेगा.

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