डॉक्टर शरीर से निकाल रहे थे अंग, ब्रेन डेड शख्स को अचानक आया होश

ऐसा शख्स जिसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. डॉक्टरों ने उसके अंगों को निकालना शुरू कर दिया था. जैसे ही वह होश में आया. डॉक्टर सहित परिवार वालों की आंखें खुशी से चमकने लगीं. ड्रग्स के अत्यधिक सेवन के बाद उस शख्स को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था.

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ब्रेन डेड ऑर्गन डोनर को ऑपरेशन टेबल पर आ गया होश (Representational Photo -Pexels) ब्रेन डेड ऑर्गन डोनर को ऑपरेशन टेबल पर आ गया होश (Representational Photo -Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:51 PM IST

ब्रेन डेड एक शख्स जो एक रजिस्टर्ड अंगदाता (ऑर्गनडोनर) था. लाइफ सपोर्ट हटाने से पहले उसे ऑपरेशन थियेटेयर ले जाया गया. जहां उसके शरीर के अलग-अलग अंग निकाले जाने थे. ताकि, वह दूसरे की जिंदगी रोशन कर सके. यही उस शख्स की भी इच्छा थी और उनका परिवार भी यही चाहता था. तभी अचानक से ऑपरेशन टेबल पर शख्स होश में आ गया. 

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जब डॉक्टर उसके अंगों को निकालने की तैयारी कर रहे थे, तभी यह कमाल हुआ. इस चिकित्सीय घटना ने  सनसनी मचा दी. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, केंटकी के एंथनी थॉमस को  दिल का दौरा पड़ने के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. वह उस वक्त होश में आया, जब सर्जन उसके अंगों को दान के लिए निकालने की तैयारी कर रहे थे.

 ऑपरेशन टेबल पर होश में आने के बाद, वह एक सर्जिकल शीट से ढका हुआ था. उसके चारों ओर चिकित्सा कर्मचारी उसके शरीर के बाल साफ कर रहे थे ताकि उसे अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रियाओं के लिए तैयार किया जा सके. यह 2021 की घटना है. आज हूवर स्वस्थ्य हैं और उन्होंने इंटरव्यू के दौरान बताया कि यह सब एक सपने जैसा था. 

हूवर को ड्रग्स के अत्यधिक सेवन के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें अमेरिका के केंटकी राज्य के रिचमंड स्थित बैपटिस्ट हेल्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया.एनपीआर से बात करते हुए , नताशा मिलर, जो केंटकी ऑर्गन डोनर एफिलिएट्स (KODA) की पूर्व कर्मचारी हैं और घटना के समय ऑपरेशन कक्ष में मौजूद थीं. उन्होंने बताया कि हूवर इधर-उधर छटपटा रहे थे – जैसे बिस्तर पर इधर-उधर हिल-डुल रहे हों. और जब हम उनके पास गए, तो देखा कि उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे. वह साफ तौर पर रो रहे थे.

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मिलर के अनुसार, दाता की हालत ने ऑपरेशन कक्ष में मौजूद सभी लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी, जिसमें वे दो डॉक्टर भी शामिल थे जिन्हें अंग निकालने की प्रक्रिया की अगुआई करनी थी, लेकिन ऑपरेशन टेबल पर हूवर की स्पष्ट हलचल के बाद उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इस मामले के बाद अंगदान और ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में लापरवाही को लेकर उठाए गए सवालों पर संबंधित संगठन, संस्थान और जिम्मेदार कर्मचारी और डॉक्टर जवाब दे चुके हैं. अब एक बार फिर से इस मामले को लेकर कोडा की कर्मचारी जो उस वक्त ऑपरेशन थियेटर में मौजूद थीं उन्होंने और अन्य लोगों ने एनपीआर (NPR) को एक इंटरव्यू में मामले से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी दी है.   

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हूवर की बहन, डोना रोहरर ने एनपीआर को बताया कि जब उनके भाई को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) से ऑपरेशन कक्ष में ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने अचानक अपनी आंखें खोलीं और घबराकर इधर-उधर देखने लगे, जिससे वह चिंतित हो गईं.

उन्होंने मीडिया आउटलेट को बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे यह उनका हमें यह बताने का तरीका था कि मैं अभी भी यहीं हूं और जिंदा हूं. हालांकि रोहरर और परिवार के अन्य सदस्यों को बताया गया कि यह सिर्फ एक सामान्य प्रतिक्रिया थी.
चिकित्सा प्रणाली पर सवाल उठाने वाले हम कौन होते हैं?"

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अंग संरक्षण विशेषज्ञ नताशा मिलर ने एनपीआर को बताया कि जब हूवर छटपटाने लगीं तो कोर्डिनेटर ने उनके सुपरवाइजर को फोन किया, लेकिन सुपरवाइजर ने उनसे कहा कि कोई और डॉक्टर ढूंढो.मिलर ने आरोप लगाया कि कोर्डिनेटर सुपरवाइजर से बात करते समय रो रही थी और वह उस पर चिल्ला रहा था कि कोई और नहीं है जो अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो.

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ऑर्गन ट्रांसप्लांट की योजना अंततः रद्द कर दी गई, हालांकि, कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अक्टूबर 2021 की घटना के बाद संगठन छोड़ दिया, जिनमें अंग संरक्षणवादी निकोलेटा मार्टिन भी शामिल हैं. मार्टिन ने बताया कि दानकर्ता उस सुबह कार्डियक कैथेटराइजेशन की प्रक्रिया के दौरान जाग गया था और वह ऑपरेशन टेबल पर छटपटा रहा था.

कार्डियक कैथीटेराइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जो संभावित अंग दाताओं पर यह मूल्यांकन करने के लिए की जाती है कि क्या उनका हृदय किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने के लिए पर्याप्त रूप से स्वस्थ है या नहीं. मार्टिन का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान जब हूवर होश में आए तो डॉक्टरों ने कथित तौर पर उन्हें बेहोश कर दिया और उनके अंगों को निकालने की तैयारी के लिए तय समय को बढ़ाने की अनुमति ले ली. 

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अंगदान और प्रत्यारोपण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने के बारे में बात करते हुए मार्टिन ने कहा कि यह मेरे लिए अब बहुत डरावना है कि इन चीजों को होने दिया जा रहा है और दाताओं की सुरक्षा के लिए और अधिक उपाय नहीं किए गए हैं. हालांकि, बाद में इस बात की पुष्टि की गई कि मिलर को इसी काम के लिए नियुक्त किया गया था और वह ऑपरेशन कक्ष में मौजूद थीं.किसी पर भी कभी किसी जीवित मरीज से अंग निकालने का दबाव नहीं डाला गया है.

अत्यधिक ड्रग लेने के कारण हो गया था ब्रेन डेड
हूवर की बहन ने मीडिया को बताया कि उनके भाई ने तूफान रीटा और कैटरीना के बाद कई शव देखने के बाद अवसाद, चिंता और पीटीएसडी के कारण ड्रग्स लेना शुरू कर दिया था. अक्टूबर 2021 में अपनी दिवंगत मां के जन्मदिन पर, हूवर अज्ञात नशीले पदार्थों के सेवन के बाद अपनी कार में सामान लोड करते समय बेहोश हो गए.

आपातकालीन चिकित्सा कर्मियों के पहुंचने तक हूवर की नब्ज बंद हो चुकी थी. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और डॉक्टरों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन हूवर के परिवार को बताया गया कि उनमें ब्रेन डेड के सभी लक्षण थे.
हूवर की बहन ने सीएनएन को बताया कि चिकित्सा कर्मचारियों ने आधिकारिक तौर पर उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था और चूंकि वह एक अंग दाता के रूप में पंजीकृत थे, इसलिए उन्होंने उनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने पर सहमति जताई ताकि हूवर दूसरों की जान बचा सकें.

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