बेंगलुरु में एक वायरल वीडियो ने लोगों के बीच ‘जॉम्बी ड्रग’ को लेकर डर का माहौल बना दिया था. वीडियो में एक शख्स लंबे समय तक एक ही जगह खड़ा नजर आ रहा था, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि वह किसी खतरनाक नशे के असर में है.
मामला बढ़ता देख बेंगलुरु सिटी पुलिस ने जांच शुरू की और इन दावों को पूरी तरह गलत बताया. 9 मार्च को जारी प्रेस ब्रीफ में पुलिस ने कहा कि इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा यह वीडियो उनके संज्ञान में आया था, जिसमें एक व्यक्ति को 'जॉम्बी ड्रग' के असर में बताया जा रहा था.
क्या था वायरल वीडियो का सच
पुलिस के अनुसार, बागलुर थाना क्षेत्र की टीम ने उस व्यक्ति को येलहंका स्थित Nitte Meenakshi Institute of Technology के पास से ढूंढ निकाला और तुरंत मेडिकल जांच कराई.
जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि उस व्यक्ति के शरीर में किसी भी तरह का नशीला या साइकोट्रॉपिक पदार्थ नहीं मिला. पुलिस ने बताया कि वह शख्स आर्थराइटिस से पीड़ित है और उसने डॉक्टर की दवा के साथ शराब का सेवन किया था, जिसकी वजह से वह वीडियो में असामान्य हालत में नजर आया.
देखें पुलिस की ये पोस्ट
आगे की जांच में यह भी सामने आया कि वह व्यक्ति रोजगार की तलाश में बेंगलुरु आया था और पिछले तीन महीनों से यहीं रह रहा है. फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.
पुलिस ने की ये अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें. पुलिस का कहना है कि ऐसी अफवाहें न सिर्फ बेवजह डर फैलाती हैं, बल्कि किसी व्यक्ति की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं.
साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अपने संदेश में पुलिस ने साफ कहा—पोस्ट करने से पहले सोचें, क्योंकि गलत जानकारी सच से ज्यादा तेजी से फैलती है और उसका असर लंबे समय तक बना रहता है.
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