बिल्ली की फोटो और फर्जी CEO... ऐसे ईरान को अरबों डॉलर दे रहा था ये शख्स

ब्रिटेन दो ऐसे फर्जी क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज का पर्दाफाश हुआ है, जो ईरान के इस्लामिक शासन और IRGC को लाखों नहीं, अरबों डॉलर की फंडिंग कर रहा था. ये सारा काम सिर्फ एक शख्स कर रहा था.

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ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड को दिया जा रहा था फंड (Photo - Reuters) ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड को दिया जा रहा था फंड (Photo - Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST

इन दिनों अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान युद्ध लड़ रहा है. ऐसे समय में एक ऐसा फाइनेंशियल स्कैम सामने आया है, जिससे इस्लामिक रिपब्लिक की सबसे खतरनाक सैन्य निकाय आईआरजीसी और उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स को अरबों डॉलर की फंडिंग का पता लगा है. 

ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में पंजीकृत दो क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों ने बिल्ली की तस्वीर, स्टॉक फोटो और काल्पनिक सीईओ की बदौलत ईरानी शासन और आईआरजीसी को अरबों डॉलर की फंडिंग की. इसके पीछे सिर्फ एक शख्स था, जो ईरान का एक अरबपति व्यवसायी है और उसे 2016 में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2024 में यह सजा कम कर दी गई. इस शख्स का नाम बाबक मोर्तेजा जंजानी है.

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काल्पनिक सीईओ के नाम से रजिस्टर्ड थी कंपनी
ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, जेडसेक्स और जेडक्सियन नामक कंपनियां लिस्ट की गईं, जिसका कंट्रोल एलिजाबेथ न्यूमैन नाम के डायरेक्टर और सीईओ के पास था. जांच में पता चला कि इस नाम के शख्स का कोई पासपोर्ट रिकॉर्ड, प्रवास हिस्ट्री या उसके अस्तित्व से जुड़े दूसरे सबूत नहीं हैं.  

इन एक्सचेंज के प्रोमोशनल मैटेरियल में भी काल्पनिक तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था. कंपनी के टीममेंबर की तस्वीरों के लिए भी शटरस्टॉक की फोटो का इस्तेमाल किया गया था. ओसीसीआरपी की जांच में इन लेन-देन को ईरानी अरबपति बाबक मोर्तेजा जंजानी से भी जोड़ा गया, जिन्हें तेल राजस्व के गबन के लिए 2016 में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2024 में उनकी सजा को कम कर दिया गया था.

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रिपोर्ट के अनुसार, ज़ंजानी कुछ समय के लिए ज़ेडक्सियन के निदेशक के रूप में नज़र आए और उनका नाम एक्सचेंज के वाइट पेपर के मेटा-डेटा में भी मौजूद है. उसे एक यूट्यूब वीडियो में भी ज़ेडसेक्स का प्रचार करते हुए दिखाया गया है.ओसीसीआरपी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में निष्क्रिय कंपनियों के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद, दोनों एक्सचेंजों ने लगभग 94 बिलियन डॉलर के लेनदेन किए. 

आईआरजीसी को भेजे थे अरबों डॉलर 
जांच में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC)से जुड़े संगठनों से संबंधित 1 बिलियन डॉलर से अधिक के क्रिप्टोकरेंसी फ्लो का पता लगाया. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें  10 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि  लाल सागर में जहाजों पर हौथी हमलों को सपोर्ट करने वाले आरोपी एक यमनी फाइनेंसर  को भेजे गए थे.

यह भी पढ़ें: युद्धपोत से दागी मिसाइलें और ईरान में मची तबाही... सेंट्रल कमांड ने Videos में दिखा दिया हमले का सच

इन क्रिप्टो नेटवर्क और जंजानी के बीच एक अहम कड़ी उसकी गर्लफ्रेंड सोल्माज बानी (जिन्हें नियूशा या सारा बानी के नाम से भी जाना जाता है) के सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के माध्यम से सामने आई. सोल्माज बानी एक पूर्व मॉडल हैं, जिनके बारे में जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक्सचेंजों से जुड़े न्यूजलेटर डोमेन पंजीकृत किए थे और उनके संचालन से जुड़े लॉगिन डेटा में दिखाई दिए थे.

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बिल्ली की तस्वीर से जोड़ी गई टूटी कड़ी
जांच के अनुसार, मई 2024 में जेडक्सियन के टेलीग्राम चैनल पर शेयर की गई तस्वीर में भूरे रंग की एक सफेद बिल्ली, जिसके गले में बैंगनी रंग का घंटी वाला पट्टा दिखाई दे रहा था. वैसी ही एक बिल्ली और उसी रंग का पट्टा पहने हुए,  फरवरी 2025 में बानी के फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की गई तस्वीर में दिखाई दी, ये अकाउंट अब डिलीट कर दी गई है.

रिपोर्ट में कहा गया कि यह स्कीम आईआरजीसी के फाइनेंशियल एक्टिविटीज से जुड़ी हुई है, जिसने 2026 में ईरान में महंगाई की वजह से उपजे आंदोलन को दबाने में आईआरजीसी की मदद की.  अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 30 जनवरी, 2026 को जंजानी पर प्रतिबंध लगा दिया. ब्रिटेन ने भी उस पर प्रतिबंध लगाया है.

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