गांधी परिवार की छोटी बहू और बीजेपी की सांसद मेनका गांधी हाल ही में 61 साल की हो गई हैं. हम आपको बता रहे हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिनके बारे में आप नहीं जानते होंगे.
मेनका गांधी का जन्म 26 अगस्त 1956 को दिल्ली के एक सिख परिवार में हुआ था. उनके पिता तरलोचन सिंह आनंद इंडियन आर्मी में थे. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई लॉरेंस स्कूल से की थी और आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज में दाखिला ले लिया था.
मेनका ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी से शादी की थी. मेनका उम्र में संजय से 10 साल छोटी थीं. मेनका मॉडल रह चुकी हैं और 17 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार बॉम्बे डाईंग के साथ काम किया था.
संजय ने मेनका गांधी को विज्ञापन में देखा और उन्हें देखने ही चाहने लगे. बताया जाता है कि मेनका और संजय पहली बार 14 दिसंबर 1973 को मिले थे. उस समय मेनका के अंकल मेजर जनरल कपूर ने अपने बेटे वीनू की शादी के लिए कॉकटेल पार्टी रखी थी. संजय और वीनू के स्कूल फ्रेंड थे.
इसके बाद दोनों एक दूसरे से मिलने लगे. कहा जाता है कि संजय को ऐसी जगह जाना पसंद नहीं था जहां लोग उन्हें देखें और पहचान लें इसलिए वो या तो मेनका के घर पर मिलते थे या फिर अपने घर पर.
मेनका की उम्र उस समय 17 साल थी. मेनका काफी पतली, खूबसूरत और आकर्षक थीं.
अपनी खूबसूरती के चलते उन्होंने कॉलेज में होने वाला ब्यूटी कॉन्टेस्ट भी
जीता इसके अलावा उन्होंने तौलिये (टॉवल) बनाने वाली कंपनी के लिए भी
मॉडलिंग की.
साल 1974 में संजय गांधी ने मेनका को अपने घर यानी 1 सफदरजंग रोड पर खाने पर बुलाया. मेनका भारती की प्रधानमंत्री से मिल रही थीं इसलिए काफी डरी हुई थीं, वो नहीं जानती थीं कि उन्हें क्या बोलना है. खाना खाते समय इंदिरा गांधी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि क्योंकि संजय ने मुझे तुम्हारे बारे में नहीं बताया है इसलिए बेहतर होगा कि तुम मुझे अपने बारे में बताओ कि तुम्हारा नाम क्या है और तुम क्या करती हो.
कहा जाता है कि इंदिरा गांधी कभी नहीं चाहती थीं कि वो अपने बेटों को शादी के लिए किसी लड़की से मिलवाएं. अपने बड़े बेटे की तरह ही वो चाहती थीं कि उनके छोटे बेटे भी अपनी पसंद की लड़की से शादी करें. क्योंकि संजय मेनका को पसंद करते थे इसलिए इंदिरा गांधी के पास उसे नापसंद करने की कोई वजह नहीं थी.
29 जुलाई 1974 को मेनका और संजय गांधी ने दोनों परिवारों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री निवास पर सगाई कर ली. इस मौके पर इंदिरा गांधी ने अपनी होने वाली बहू को गोल्ड और टरकोइस सेट और एक तंचोरी सारी तोहफे में दी. एक महीने बाद मेनका के जन्मदिन पर इंदिरा गांधी ने उन्हें इटैलियन सिल्क साड़ी तोहफे में दी.
इसके बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में संजय गांधी का हर्निया ऑपरेशन हुआ. सबह अपने कॉलेज में रहने के बाद मेनका दोपहर को संजय गांधी के पास आ जाया करती थीं.
कुछ हफ्तों बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर संजय और मेनका ने मोहम्मद युनूस के घर 23 सितंबर 1974 को शादी कर ली. शादी में इंदिरा गांधी ने मेनका को बहुत से तोहफे दिए. जिनमें 21 महंगी साड़ियां, दो सोने के सेट (गोल्ड सेट), लहंगा और एक खादी की साड़ी तोहफे में दी जो उनके पिता जवाहरलाल नेहरू ने जेल में रहते हुए बनाई थी.
बताया जाता है कि उस समय में संजय- मेनका की जोड़ी मीडिया की सुर्खियां बनी रहती थीं. मेनका अक्सर संजय के साथ राजनीतिक दौरे पर जाया करती थीं.
वरुण तीन महीने के ही थे तभी 23 जून 1980 को एक विमान हादसे में संजय गांधी की मौत हो गई. संजय एयरक्राफ्ट उड़ा रहे थे और एरोबेटिक लूप परफॉर्म करते हुए उनका टू- सीटर एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया और उनकी मौत हो गई.