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जब सोनभद्र की जमीन पर हुआ था नरसंहार, खौफनाक था वो मंजर जहां बिछी थी लाशें

aajtak.in
  • 22 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST
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नरसंहार का खौफनाक मंजर... जब 32 ट्रैक्‍टर- ट्राली में 300 से ज्यादा हमलावर आए जिनके हाथों में बदूंकें और डंडे थे... कुछ ही देर में उन हमलावरों ने लोगों पर हमला बोल दिया. गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच लोगों की चीख पुकार मच गई. लोगों के चिल्लाने और औरतों के रोने-पीटने का मंजर सुनाई पड़ने लगा. कुछ ही देर में चारों तरफ खेतों में खून से सनी लाशें नजर आ रही थीं.

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ऐसा भयानक दृश्य था सोनभद्र का. जी हां, सोनभद्र की जमीन सोने के लिए ही नहीं जमीनी विवाद के लिए भी सुर्खियों में रहा है. नरसंहार ने देश को हिला के रख दिया था. (Photo-Reuters)

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7 जुलाई 2019 के दिन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के जमीन के विवाद ने कई लोगों की जान ले ली थी. इस नरसंहार से हर कोई दहल गया. उस वक्त नरसंहार में 10 लोग मौत की भेंट चढ़ गए थे तो वहीं दो दर्जन से ज्यादा लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा था. लोग डरे-सहमे अपने गांव में रह रहे थे. उस समय इस खूनी नरसंहार का खौफनाक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

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वायरल वीडियो में 200 से ज्यादा हमलावरों के हाथों में बदूंकें, डंडे के साथ कुछ लोगों पर हमला करते नजर आ रहे हैं. साथ ही वीडियो में खेतों में मौजूद लोग भागते हुए नजर आ रहे थे और लगातार गोलियां चलती दिखाई दे रही हैं. इस नरसंहार में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

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इस मामले के बाद पुलिस ने करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया था. साथ ही कई अन्‍य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

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जानकारी के मुताबिक उस वक्त ये विवाद 90 बीघा जमीन के लिए था. जिसको लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे. 2019 में हुए इस नरसंहार ने लगभग 300 लोगों ने मिलकर 10 लोगों की जान ले ली थी. कहा जाता है 90 बीघा की जमीन का ये विवाद बहुत पुराना है और इसकी शुरुआत हुई थी 2017 में.

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घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभा गांव के प्रधान ने 90 बीघा जमीन खरीदी थी लेकिन विपक्ष के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई. विपक्ष के लोगों का कहना था कि उस जमीन पर उनका कब्जा है. इसकी वजह से उभा गांव के ग्राम प्रधान ने जमीन तो खरीद ली पर कब्जा नहीं कर पाए.

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जिसके बाद सब्र खत्म होते ही 7 जलुाई के दिन प्रधान ने अपने समर्थकों के साथ उभा गांव में आदिवासी किसानों के ऊपर हमला बोल दिया. कई ट्रैक्टरों के साथ वे हमला करने पहुंचे. प्रधान और उनके साथियों ने तीन महिलाओं सहित 10 लोगों की हत्या कर दी और हमले में 28 घायल हो गए.

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सोनभद्र फायरिंग उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में भूमि के स्वामित्व को लेकर हुए सबसे बड़े खूनी संघर्षों में से एक है. सोनभद्र उत्तर प्रदेश में दूसरा सबसे बड़ा जिला है और  इसकी सीमाएं चार राज्यों (बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़) से मिलती हैं.

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