कोरोना के कारण जहां एक तरफ दुनिया में दहशत छाई हुई है और भारत में भी इसके काफी केस देखने को मिले हैं. इस वजह से लोगों से यह भी कहा गया था कि होली खेलने से बचें लेकिन क्या देशी और क्या विदेशी...राजस्थान के पुष्कर में सभी एक-दूसरे को रंग में रंगते दिखे.
पुष्कर में जगह-जगह विदेशी पर्यटक अबीर और गुलाल से होली खेलते नजर आ रहे हैं. हजारों की तादाद में कोरोना वायरस की परवाह किये बिना इस प्रेम के त्योहार को मना रहे हैं. खासकर, त्योहार को मनाने के लिए ही सात समंदर पार से हजारों विदेशी पुष्कर आए हैं.
पूरे विश्व में कोरोना के वायरस से सावधान रहने की बात कही जा रही है. भारत सरकार, राज्य सरकार, पर्यटन विभाग द्वारा अपने स्तर पर होली से सम्बंधित कार्यक्रम निरस्त कर दिए. एक-दूसरे को हाथ मिलाने के लिए भी बड़े-बड़े विज्ञापन के जरिये मना कर दिया लेकिन इसके बावजूद पुष्कर के जयपुर घाट पर और वराह घाट चौक पर विदेशी पर्यटक व स्थानीय लोग बड़े ही प्रेम से नाच गाकर अबीर-गुलाल लगाकर होली उत्सव मना रहे हैं. कलर के साथ-साथ फूलों की होली खेल रहे हैं.
स्पेन की कारमीन ने बताया कि जब यह बात कही जाती है कि जीवन-मरण भगवान के हाथ है तो फिर डरने की क्या बात है. जितना कोरोना का हौवा है, उतना कुछ नहीं है. मैंने यहां चिकनगुनिया एवं स्वाइन फ्लू को देखा है लेकिन कहीं कुछ नहीं हुआ. मैं कई सालों से पुष्कर आ रही हूं और यहां के कई उत्सव में शामिल होकर आनंद ले रही हूं.
इटली से पुष्कर आई यरान ने बताया कि पुष्कर की होली पार्टी का एक अलग ही अनुभव है और बहुत ही आनंद आया. यही नहीं, विदेशी पर्यटक पुष्कर में ढोल की थाप पर राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य करके आनंद भी ले रहे हैं.
खासकर इस बार पुष्कर में होली पूरे पारंपरिक तरीके से मनाई गई. इस बार डीजे उपयोग में नहीं लिया गया, केवल ढोल की थाप पर गैर नृत्य और घूमर हुआ. इस बार कोरोना वायरस के चलते होली में ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हों, इसके लिए जिला प्रशासन ने खूब प्रयास किये लेकिन सुबह होते-होते हजारों देशी व विदेशी पर्यटकों जगह जगह एकत्रित होकर होली मनाने लगे.
बता दें कि दुनिया भर के 100 से ज्यादा देशों में पैर पसार चुके कोरोनावायरस से लोग दहशत में हैं. भारत में कोरोनावायरस की चपेट में 59 लोग आ चुके हैं. वहीं पूरी दुनिया में 1,10,000 लोग इससे संक्रमित हैं. महामारी बन चुके कोरोना वायरस से 4011 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. चीन में मरने वालों की संख्या 3158 हो चुकी है. चीन के बाद सबसे ज्यादा मौतें इटली में हुई हैं. यहां 631 लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं.