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एक दिन में 216 रुपये कमाता था शख्स, खड़ी कर दी 10 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी

संजय सिंह राठौर
  • सूरत,
  • 23 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:35 PM IST
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कहते हैं कि मेहनत की बदौलत लोग अपनी तकदीर बदल लेते हैं. यही साबित कर दिखाया है गुजरात के रहने वाले क्रुणाल रैयाणी ने जो कभी महज 6500 रुपये की नौकरी करते थे और आज 10 करोड़ रुपये सालान टर्न ओवर वाली कंपनी के मालिक बन चुके हैं.

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6 साल पहले क्रुणाल रैयाणी महज 6500 की नौकरी किया करते थे लेकिन उसमें उनका दिल नहीं लगता था और वो खुद का कारोबार शुरू करना चाहते थे. दूसरी कंपनी में नौकरी करने वाले क्रुणाल अब खुद दूसरे लोगों को अपनी कंपनी में नौकरी दे रहे हैं.
 

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सूरत के रहने क्रुणाल रैयाणी किसी बिजनेस घराने से नहीं हैं लेकिन अपनी मेहनत और लगन से आज बड़े कारोबारी जरूर बन गए हैं.  क्रुणाल रैयाणी के पिता सूरत की एक डायमंड फेक्टरी में डायमंड वर्कर के तौर पर काम करते थे. 

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साल 2014 और 2015 में जब क्रुणाल की उम्र 18 साल थी तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद क्रुणाल रैयाणी ने 6500 रुपए में मार्केटिंग की जॉब करनी शुरू कर दी थी. 
 

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इस जॉब के बाद क्रुणाल को अनुभव हो गया कि व्यापार कैसे किया जा सकता है. फिर उन्होंने खुद का ई कॉमर्स बिजनेस शुरू करना चाहा लेकिन उनके पास कारोबार शुरू करने के लिए पैसे नहीं थे. क्रुणाल के परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही ठीक नहीं थी इसलिए उसे आर्थिक मदद मिलने की भी कोई उम्मीद नहीं थी. क्रुणाल की मदद के लिए कोई दोस्त और रिश्तेदार भी तैयार नहीं हुए.

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क्रुणाल ने अपने मामा किरीट भाई से बिजनेस शुरू करने के लिए मदद मांगी थी और साल 2015 में दो लाख रुपए लेकर अपना कारोबार शुरू कर दिया. सिर्फ 6 साल में यानी की 2021 में क्रुणाल का ऑनलाइन व्यापार का सालाना टर्न ओवर 10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

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18 की उम्र में कारोबार शुरू करने वाले क्रुणाल की उम्र देख कर उनके साथ कोई कारोबार भी करने को जल्दी तैयार नहीं होता था लेकिन आज उनके साथ कारोबार करने के लिए कारोबारी खुद उनके दफ्तर तक आते हैं. यंग बिजनेसमैन क्रुणाल रैयाणी ने अपनी कंपनी को चार कर्मचारियों के साथ मिलकर शुरू किया की थी जिसमें एक वो और दूसरे उसके मामा किरीट शामिल थे जबकि उन्होंने दो अन्य लोगों को नियुक्त किया था. आज उनके साथ 110 कर्मचारी काम करते हैं. 

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यही नहीं क्रुणाल अभी तक तक़रीबन 100 से अधिक ज़रूरतमंद लोगों को अपनी फैक्टरी में ट्रेनिंग भी दे चुके है और भी बिल्कुल मुफ्त. क्रुणाल रैयाणी इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल की नीति को भी साकार करने में जुटे हुए हैं.  देश के कई राज्यों में क्रुणाल का वेरहाउस है और विदेश में भी व्यापार करते हैं.
 

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