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Photos: एक साल में कितना बदला पहलगाम? लौटने लगे हैं टूरिस्ट, सुरक्षा सिनेरियो काफी चेंज

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST
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आज से ठीक एक साल पहले, सरहद पार से आए आतंकवादियों ने देश के दिल पर ऐसा जख्म दिया था, जिसकी टीस आज भी महसूस होती है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ वह आतंकी हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत पर किया गया बेरहम वार था. मासूम लोगों को निशाना बनाकर आतंकियों ने जिस क्रूरता से जान ली, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. हर घर में गुस्सा था, हर आंख में आंसू.

(Photo: PTI)

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लेकिन भारत ने चुप रहना नहीं चुना. इस कायराना हमले के जवाब में देश ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर यह साफ संदेश दिया कि हर आंसू का हिसाब होगा. यह सिर्फ बदले की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि उन मासूमों के लिए न्याय की पुकार थी, जिनकी जिंदगी बेरहमी से छीन ली गई.

(Photo:PTI)

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आज से दो दिन बाद, यानी 22 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान से जुड़े इस कायराना आतंकी हमले की बरसी है. पहलगाम के बैसरन में हुए इस हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. खासतौर पर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
(Photo:PTI)

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यह तस्वीर बहुत कुछ कह जाती है. 22 अप्रैल के आतंकी हमले की बरसी से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच पर्यटक तस्वीरें खिंचवाते नजर आए. जहां एक साल पहले गोलियों की गूंज थी, वहीं अब फिर से जिंदगी की आहट सुनाई दे रही है. रौनक लौट रही है, और धीरे-धीरे जिंदगी दोबारा पटरी पर आती दिख रही है.

(Photo:PTI)

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पहलगाम के मीडोज एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार होने लगे हैं. 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से मशहूर इस इलाके में अब सैलानी खुलकर इसकी खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की सराहना भी कर रहे हैं.

(Photo:PTI)

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अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन, वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत और भरोसा बढ़ाने वाले कदमों ने पर्यटन को फिर से रफ्तार दी है. हालांकि तस्वीर पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है.रिकवरी अभी बाकी है और पर्यटन से जुड़े कई लोग अब भी सतर्कता बरत रहे हैं.

(Photo: PTI)

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जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए एक खास क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली शुरू की है. अधिकारियों के मुताबिक, हर सेवा प्रदाता का पुलिस वेरिफिकेशन किया गया है, उसे आधिकारिक तौर पर पंजीकृत किया गया है और एक यूनिक क्यूआर कोड दिया गया है.

(Photo:PTI)

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गुलजार अहमद वानी, पहलगाम के टूरिस्ट टैक्सी स्टैंड नंबर 2 के उपाध्यक्ष, भावुक होकर कहते हैं कि पुलिस प्रशासन की ओर से दिए गए क्यूआर कोड उनके लिए सुरक्षा की एक मजबूत ढाल बन गए हैं.वे बीते दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि बस यही दुआ है कि हमें वो दर्द भरे दिन फिर कभी न देखने पड़ें. उनकी आवाज में डर भी है और उम्मीद भी.

(Photo:PTI)

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पहलगाम के स्थानीय लोग अब डर के साये से बाहर निकलकर आगे बढ़ना चाहते हैं.  यहां के लोग आतंकवाद की खुलकर निंदा करते हैं और शांति, सुरक्षा व पर्यटन पर आधारित सामान्य जीवन की ओर लौटने की इच्छा रखते हैं. सुरक्षा बलों की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पहलगाम धीरे-धीरे फिर से संभल रहा है.


(Photo:PTI)

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