एक शख्स ने ऑफिस जाने से बचने के लिए झूठ बोला कि उसे कोरोना वायरस से संक्रमण हो गया है. इसकी वजह से उसके दफ्तर को भी अस्थाई तौर से बंद करना पड़ा. ये मामला कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देश चीन के जिआंगसू प्रोविन्स का है. (प्रतीकात्मक फोटो)
चांगझोऊ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्टर झू के झूठ बोलने की वजह से उनके दफ्तर को तीन दिनों तक बंद करना पड़ा और 47 कर्मचारियों को घरों में आइसोलेशन में रहने को कहा गया. ये घटना फरवरी की है.
झू ने अपनी कंपनी को सबसे पहले बताया था कि जिस वक्त कोरोना वायरस के मरीज सुपरमार्केट में गए थे, उसी वक्त वह भी शॉपिंग के लिए सुपर मार्केट में था. इस बात को साबित करने के लिए उसने खरीददारी की रसीद भी दी.
लेकिन बाद में झू ने स्वीकार कर लिया कि उसने गलत रसीद दी थी और झूठ बोला था. पुलिस ने जांच के दौरान पाया था कि उसकी कहानी सही नहीं है.
बाद में डॉक्टरों ने भी बताया कि झू बीमार नहीं है. चांगझोऊ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, झू बस दफ्तर नहीं जाना चाहता था और इसलिए ही झूठ बोला.
कोरोना वायरस को लेकर झूठ बोलने के लिए झू को 3 महीने जेल में बिताना होगा और फिर 6 महीने प्रॉबेशन पर रहना होगा.
इससे पहले जुओ नाम के एक शख्स ने भी चीन में इसलिए कोरोना वायरस से संक्रमण का झूठ फैलाया था क्योंकि वह जानना चाहता था कि कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के साथ हॉस्पिटल में क्या किया जाता है.