एचआईवी से पूरी तरह ठीक होने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पहचान सार्वजनिक करने का फैसला लिया है. इससे पहले उसे 'लंदन पेशेंट' के नाम से जाना जाता था. एचआईवी से पूरी तरह ठीक होने वाले इस व्यक्ति का नाम एडम कैस्टिलेजो है.
एडम दुनिया का दूसरा ऐसा शख्स है जो एचआईवी से पूरी तरह ठीक हुआ हो. एचआईवी से ठीक होने वाले पहले व्यक्ति का नाम टिमोथी ब्राउन है. उन्हें बर्लिन पेशेंट के तौर से भी दुनिया जानती है.
इससे पहले 2008 में टिमोथी के एचआईवी से मुक्त होने का ऐलान किया गया था. टिमोथी और एडम, दोनों की बीमारी एक ही जैसे ट्रीटमेंट से ठीक हुई.
सोमवार को न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में 40 साल के एडम ने अपनी पहचान जाहिर की. एडम का कहना है कि वह उम्मीदों का एम्बैसडर बनना चाहता है, इसीलिए अपनी पहचान सार्वजनिक करने का फैसला किया. एडम को पिछले साल ही एचआईवी फ्री घोषित कर दिया गया था. (प्रतीकात्मक फोटो)
18 महीने तक antiretroviral थेरेपी रोकने के बाद भी एडम के शरीर में वायरस नहीं पाया गया था. एडम ने बताया कि वह 2003 से ही एचआईवी के साथ जी रहा था. (प्रतीकात्मक फोटो)
ब्लड कैंसर ठीक करने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाता है. इसी के जरिए एडम एचआईवी से मुक्त हुआ है. हालांकि, सभी एचआईवी मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट को सुरक्षित नहीं समझा जाता है.
2012 में पता चला था कि एडम को Hodgkin lymphoma (एक प्रकार का कैंसर) नाम की बीमारी है. इसके बाद उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया.