संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का बुधवार को छठा दिन है. लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया कि दंगाइयों के ड्राइविंग लाइसेंस और सोशल मीडिया अकाउंट से उनकी पहचान हो रही है. इन दंगों में 52 भारतीयों की मौत हुई है.
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा दिल्ली हिंसा में जिन लोगों की जान गई, उनके प्रति दुख जताया. अमित शाह ने कहा कि 25 फरवरी को रात 11 बजे के दिल्ली में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई. 2 मार्च को संसद भी थी.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "उत्तर-पूर्व इलाका उत्तर प्रदेश के बॉर्डर से जुड़ा हुआ है. मैं इतना कहना चाहता हूं कि सीआरपीएफ भेजनी चाहिए, सदस्य इसके लिए सुझाव दे सकते हैं लेकिन मैं उनको यह बता दूं कि सीआरपीएफ, 22 और 23 तारीख को कुल 30 कंपनी, 24 तारीख को 40 कंपनियां, 25 तारीख को और 50 कंपनियां भेजी गई थीं. 26, 27, 28 और 29 तारीख को 80 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं जो अभी वहां पर तैनात की गई हैं.
अमित शाह ने कहा कि गुनहगारों को पकड़ने के लिए पूरी व्यवस्था शुरू कर दी गई है. 27 तारीख से बुधवार तक 700 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं. दिल्ली में हिंसा फैलाने के लिए 300 से ज्यादा लोग यूपी से आए थे. यह गहरी साजिश थी.
अमित शाह ने कहा कि पुलिस ने दंगे को दिल्ली में फैलने नहीं दिया. ये हिंसा दिल्ली के चार फीसदी और 13 फीसदी आबादी में सीमित रखने का काम पुलिस ने किया. 12 थानों में हिंसा रुकी रही. भड़काने का काम हर जगह हुआ. पुलिस की जिम्मेदारी थी हिंसा को रोकना.
अमित शाह ने आगे कहा कि 24 फरवरी को 2 बजे के आसपास पहली सूचना मिली. 25 फरवरी को रात 11 बजे आखिरी सूचना मिली. दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में हिंसा को समेटने का काम किया.
अमित शाह ने कहा कि हिंसा के लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसको छोड़ा नहीं जाएगा. 100 से ज्यादा हथियार बरामद किया गया है. हिंसा को फंड देने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. किसी भी निर्दोष को सजा नहीं दी जाएगी. पूरे सबूत के बाद गिरफ्तारी की जा रही है.
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली दंगों में जो लोग शामिल हैं, उनमें कोई भी शख्स नहीं बचेगा. साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर पूरी कार्रवाई की जा रही है. बयान दर्ज किए जा रहे हैं. बयान वीडियोग्राफी के तहत दर्ज किए जा रहे हैं. किसी भी निर्दोष को कोई तकलीफ नहीं होगी.