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भजन क्लबिंग में हिट भाई-बहन की ये जोड़ी, अंबानी की पार्टी में भी मचाई थी धूम

मोहित ग्रोवर
  • नई दिल्ली,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST
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देश में आजकल एक नया ट्रेंड चला है, भजन क्लबिंग का. जहां नई पीढ़ी के लोग मिलते हैं और माहौल पूरी तरह से किसी क्लब का होता है लेकिन म्यूज़िक लेटेस्ट नहीं बल्कि भजन होते हैं. भगवान के भजन लेकिन जेन-ज़ी स्टाइल में. भजन क्लबिंग एक नई इंडस्ट्री की तरह भी उभरी है, जहां के अपने अलग सिंगर्स हैं, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है और इसके लिए अलग से बुकिंग हो रही है. (Photo - insta/backstagesiblings)

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ऐसी ही एक भाई और बहन की जोड़ी है, जो बंगाल के कोलकाता से है. राघव और प्राची, दोनों एक ग्रुप चलाते हैं backstagesiblings. दोनों का ये ग्रुप भजन क्लबिंग की दुनिया में काफी फेमस है, इसकी गवाही इसी बात से मिलती है कि हाल ही में अंबानी परिवार के एक प्रोग्राम में दोनों ने परफॉर्म किया था.राघव और प्राची की कहानी कोलकाता की गलियों से शुरू हुई. (Photo - insta/backstagesiblings)

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बचपन में सत्संग और भजनों के सुरों के बीच पले-बढ़े, उनके लिए संगीत और आध्यात्मिकता का संगम बहुत गहरा था. वे शायद इस बात से अनजान थे कि यह संगम एक दिन देश भर में युवाओं के लिए एक नया ट्रेंड बन जाएगा.बचपन के भजनों को पीछे छोड़, राघव सीएफए चार्टरहोल्डर बन गए और प्राची फिक्स्ड इनकम ट्रेडर. कॉर्पोरेट जगत की डेडलाइंस और तनाव के बीच, उन्होंने संगीत और आध्यात्मिकता में शांति की तलाश शुरू की. क्या यह तलाश उन्हें एक नई राह पर ले जाएगी? (Photo - insta/backstagesiblings)

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राघव और प्राची ने भजन क्लबिंग की शुरुआत छोटे जैम सेशन से की. उन्होंने महसूस किया कि यूथ धर्म से दूर नहीं हैं, बल्कि वे उसे अपनी शर्तों पर, अपने तरीके से एक्सपीरियंस करना चाहते हैं. भजन क्लबिंग ने धर्म को एक नया, कूल अवतार दिया.भजन क्लबिंग ने नई पीढ़ी के लोगों के बीच एक नई ऊर्जा और उत्साह जगा दिया. अब मंदिर जाने के बजाय, वे भजन क्लबिंग के इवेंट्स में जाने के लिए टिकट्स खरीद रहे थे. क्या यह उत्साह सोशल मीडिया पर धार्मिक कंटेंट और श्राइनकेशन के ट्रेंड को और भी बढ़ा देगा? (Photo - AI Generated)

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भजन क्लबिंग पारंपरिक भजनों को लेटेस्ट बीट और म्यूजिक के साथ पेश करता है. ये युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है, साथ ही उन्हें उनके पसंदीदा संगीत का आनंद लेने का मौका भी देता है. तभी मन में ये सवाल उठता है कि क्या यह संगम भारत में आध्यात्मिकता के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा? भजन क्लबिंग दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो गया. 'बैकस्टेज सिबलिंग्स' के शोज़ हाउसफुल होने लगे और युवा इस ट्रेंड के प्रति अपनी दीवानगी दिखाने लगे. क्या यह ट्रेंड देश भर में फैलेगा और भारत में धर्म को एक नया रूप देगा? (Photo - AI Generated)
 

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भजन क्लबिंग हाल ही में सोशल मीडिया के बज़ में तब आया, जब राघव और प्राची को मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी का जन्मदिन समारोह में परफॉर्म करने का निमंत्रण मिला. यह भारत में धर्म को एक नई ऊंचाई देने वाला एक ऐतिहासिक पल था. भजन क्लबिंग युवाओं को तनावपूर्ण जीवन से कुछ पल की राहत देता है. यह उन्हें आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है और उन्हें मानसिक शांति महसूस करने का मौका देता है. क्या यह शांति उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देगी? (Photo - insta/backstagesiblings)

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भजन क्लबिंग सिर्फ संगीत का अनुभव नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक अनुभव भी है. लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, अपनी आस्था साझा करते हैं और एक-दूसरे के साथ गहरे जुड़ाव महसूस करते हैं. क्या यह जुड़ाव देश में सामाजिक एकता को बढ़ावा देगा? भजन क्लबिंग भारत में आध्यात्मिकता के एक नए दौर का प्रतीक है. यह परंपरा और आधुनिकता का एक सुंदर संगम है जो युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ता है और उन्हें मानसिक शांति महसूस करने का मौका देता है. यह ट्रेंड भविष्य में और भी लोकप्रिय होने की संभावना है. (Photo - insta/backstagesiblings)

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