Mussoorie Kempty Falls Viral Video: उत्तराखंड का मसूरी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और झरनों के लिए दुनियाभर में फेमस है. इस जगह की सुंदर, शांति लोगों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करती है और हर साल यहां हजारों की संख्या में लोग आते हैं. मसूरी जाने वाले वहां के मोस्ट फेमस वॉटरफॉल केम्प्टी फॉल्स देखना कभी नहीं भूलते.
मसूरी से करीब 13 से 15 किलोमीटर दूर स्थित केम्प्टी फॉल उत्तराखंड के मोस्ट पॉपुलर वॉटरफॉल्स में गिना जाता है.करीब 40 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी और नीचे बने प्राकृतिक कुंड हर साल लाखों टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं. लेकिन इस बीच केम्प्टी फॉल का एक वीडियो पर तेजी से सोशल मीडिया वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा नजारा लोगों को परेशान कर रहा है.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि केम्प्टी फॉल्स के दोनों तरफ दुकानें, ढाबे और अधूरी इमारतें खड़ी हैं. आसपास का इलाका इतना भरा हुआ दिख रहा है कि प्राकृतिक सुंदरता लगभग छिप सी गई है.
एक्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'इस खूबसूरत झरने को चारों तरफ से अधूरी और भद्दी इमारतों ने घेर लिया है. भारत में शायद प्रकृति होना ही सबसे बड़ा अपराध है. न कोई प्लानिंग, न सुंदरता की समझ और न ही पर्यटन को लेकर जिम्मेदारी.'
वीडियो देख गुस्साए लोग
मसूरी के केम्प्टी फॉल्स का हाल देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कुछ लोग इसे ओवरटूरिज्म का नतीजा बता रहे हैं तो कुछ इस पर दुख जता रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, 'मैंने केम्प्टी फॉल्स के बारे में बहुत सुना था, लेकिन जब वहां गया तो बेहद निराश हुआ. लोग पानी के बीच बैठकर मैगी खा रहे थे.'
दूसरे यूजर ने कमेंट कर कहा, 'झरने से 100 मीटर के अंदर घर और दुकानें बनाना बेहद खतरनाक है. यह सिर्फ भारत में ही हो सकता है.' तो एक अन्य यूजर ने बोला, 'कभी केम्प्टी फॉल्स बेहद खूबसूरत हुआ करता था, लेकिन अब यह जगह अपनी प्राकृतिक पहचान खो चुकी है.'
इतना ही नहीं कुछ लोगों ने कहा कि उत्तर-पूर्व भारत और नेपाल के पर्यटन स्थलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को ज्यादा बेहतर तरीके से संरक्षित किया गया है. तो कुछ ने सलाह देते हुए कहा, 'भारत में भी पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर बराबर ध्यान देने की जरूरत है.'
अंग्रेजों का पसंदीदा पिकनिक स्पॉट
यह एक प्राकृतिक झरना है, जो कई चट्टानों से गिरते हुए अलग-अलग झरनों में बंट जाता है और इसकी खोज साल 1835 में जॉन मेकिनन ने की थी. तब यह जगह अंग्रेजों का फेवरेट पिकनिक स्पॉट हुआ करता था.
कभी पहाड़ों की गोद में बहता केम्प्टी फॉल्स लोगों को सुकून, ठंडी हवा और प्रकृति के बेहद खूबसूरत नजारों का एहसास कराता था. लोग यहां सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि कुछ सुकून के पल बिताने आते थे. लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमने अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सिर्फ भीड़ और बिजनेस तक सीमित कर दिया है?
aajtak.in