भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक, पहाड़ों में खुद को तरोताजा करने के 4 मंत्र

शहर की भागदौड़ और ऑफिस के तनाव से थक गए हैं? पहाड़ों की कोहरे वाली सुबह आपके लिए एक प्राकृतिक थेरेपी है, जो दिमाग को पूरी तरह 'रीसेट' कर देती है. अगर आप भी पहाड़ों में खुद को तलाशना चाहते हैं, तो कोहरे की खामोशी में छिपी शांति पाने के ये जादुई तरीके जरूर आजमाएं.

Advertisement
जहां धुंध के बीच खुद को तलाशने का मौका मिलता है (Photo: Pexels) जहां धुंध के बीच खुद को तलाशने का मौका मिलता है (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:02 AM IST

शहर के शोर-शराबे और ऑफिस की डेडलाइन्स के बीच हम अक्सर खुद को भूल जाते हैं. ऐसे में जब आप पहाड़ों की ठंडी और कोहरे वाली सुबह में होते हैं, तो वह वक्त सिर्फ आपका होता है. धुंध से ढकी पहाड़ियां न केवल दिखने में खूबसूरत लगती हैं, बल्कि ये आपको मानसिक शांति और नई ऊर्जा देने की ताकत भी रखती हैं. अगर आप भी पहाड़ों में हैं और इस शांत वातावरण का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, तो ये 4 आसान तरीके आपके मन को एकदम हल्का कर देंगे.

Advertisement

1. ताजी हवा में गहरी सांस लें और ध्यान लगाएं

धुंध भरी सुबह में जब हवा एकदम ठंडी और साफ होती है, तब बस कुछ देर के लिए आंखें बंद करें और गहरी सांसें लें. यह तनाव कम करने का सबसे असरदार तरीका है. यही नहीं, जब आप धीमी गति से सांस लेते हैं, तो आपके फेफड़ों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है और दिमाग एकदम शांत हो जाता है. कोहरे के बीच बैठकर किया गया यह छोटा सा ध्यान आपको पूरे दिन के लिए तरोताजा कर देगा.

यह भी पढ़ें: शांति, सुकून और... ऋषिकेष से 45 किमी दूर है वो 'स्वर्ग' जहां बह जाती हैं सारी उलझनें

2. चाय की चुस्की और गिरती बूंदों का मजा

हाथ में गर्म चाय या कॉफी का मग हो और सामने कोहरे की सफेद चादर, इससे बेहतर अहसास और कुछ नहीं हो सकता. यही वजह है कि शांति पाने के लिए बस अपनी बालकनी या किसी शांत कोने में बैठ जाएं और कोहरे को धीरे-धीरे छंटते हुए देखें. पेड़ों से गिरती ओस की बूंदों की आवाज सुनना किसी थेरेपी से कम नहीं है. इसके साथ ही, यह वक्त आपको दुनिया की भागदौड़ से काटकर खुद के और करीब ले आता है.

Advertisement

3. कोहरे के बीच कुदरती सैर पर निकलें

सुबह-सुबह कोहरे के बीच थोड़ी देर टहलना आपके शरीर और मन दोनों के लिए अच्छा है. यही नहीं, जब आप शांत रास्तों पर चलते हैं, तो आपको पक्षियों की चहचहाहट और पत्तों की सरसराहट साफ सुनाई देती है. यह 'नेचर वॉक' आपको अपने आसपास के वातावरण से जोड़ती है और आपके मूड को तुरंत बेहतर बना देती है.

यह भी पढ़ें: बीच रास्ते में GPS ने दिया धोखा? घबराएं नहीं, ये 5 ट्रिक्स दिखाएंगी रास्ता

4. फोन को कहें बाय-बाय और खुद से बात करें

पहाड़ों की शांति का असली मजा तभी है जब आपका मोबईल आपसे दूर हो. यही वजह है कि कुछ देर के लिए सोशल मीडिया से दूरी बना लें और डिजिटल डिटॉक्स करें. इस समय का इस्तेमाल अपनी डायरी लिखने या अपनी भावनाओं पर विचार करने के लिए करें. कोहरे के बीच जो खामोशी होती है, वह अक्सर जीवन के बड़े-बड़े सवालों को सुलझाने में आपकी मदद कर देती है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement