पार्टी के बाद पुलिस का डर खत्म! आपकी ही कार में आपको 'VVIP' की तरह घर छोड़ेगा ये ड्राइवर

भारत में पार्टी कल्चर और नाइटलाइफ़ के बढ़ते चलन के बीच ड्रिंक एंड ड्राइव एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. इसी खतरे को कम करने के लिए ड्राइवयू (DriveU) जैसे प्लेटफॉर्म ऑन-डिमांड ड्राइवर सर्विस लेकर आए हैं, जहां आपकी कार में ही प्रोफेशनल ड्राइवर घर तक छोड़ता है. यह सर्विस किस तरह से काम कर रही है और क्यों इसे सड़क सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है? यहां जानिए सब कुछ....

Advertisement
आज के पार्टी के माहौल में, नशे में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर की सेवा आपकी जान बचा सकती है (Photo: Getty Images) आज के पार्टी के माहौल में, नशे में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर की सेवा आपकी जान बचा सकती है (Photo: Getty Images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 09 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:26 PM IST

आज के दौर में भारतीय युवाओं के बीच पार्टी कल्चर और नाइटलाइफ का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है. अक्सर वीकेंड या नए साल जैसे खास मौकों पर सोशल मीडिया पर नशे में धुत युवाओं के वीडियो की बाढ़ आ जाती है. लेकिन शराब के नशे में डूबी वह खुशनुमा रात कब एक डरावने हादसे, भारी-भरकम पुलिस चालान या किसी ऐसी वायरल क्लिप में बदल जाए जिसे आप कभी याद नहीं करना चाहेंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. सीधे चलने के लिए संघर्ष करना या दोस्तों द्वारा कार की ओर घसीटा जाना, ऐसी शर्मिंदगी किसी भी जश्न के रंग को फीका कर सकती है.

Advertisement

लेकिन अब भारत के पार्टी लवर्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. नशे में गाड़ी चलाने (Drink and Drive) के जोखिम और कलंक को खत्म करने के लिए 'ड्राइवयू' (DriveU) जैसे प्लेटफॉर्म्स ने एक ऐसी सर्विस पेश की है, जो आपको आपकी ही कार में किसी वीआईपी की तरह सुरक्षित घर पहुंचाएगी.

कहां से आया यह आइडिया?

इस सर्विस की प्रेरणा चीन के एक जादुई मॉडल से मिलती है. हाल ही में चीन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. वहां शराब पीकर गाड़ी चलाने की समस्या का एक बहुत ही सरल समाधान निकाला गया है. अगर आपने जरूरत से ज्यादा पी ली है, तो आप एक ऐप के जरिए ड्राइवर बुला सकते हैं. यह ड्राइवर अपनी फोल्डेबल साइकिल लेकर आता है, उसे आपकी कार की डिग्गी (बूट) में पार्क करता है और फिर आपको आपकी ही कार में घर तक छोड़ देता है. खास बात यह है कि वहां यह सेवा अक्सर बीमा का हिस्सा होने के कारण मुफ्त होती है.

Advertisement

अब बिल्कुल इसी तर्ज पर भारत में भी सुरक्षा का एक मजबूत जाल तैयार किया जा रहा है. हालांकि भारत में यह अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन बदलती सामाजिक आदतों के बीच यह अब महज एक सुविधा नहीं, बल्कि समय की जरूरत बन गई है.

यह भी पढ़ें: अनजान शहर में नहीं महसूस होगा अकेलापन, बस इन तरीकों से शुरू करें बातचीत

हादसों की खूनी सड़कों पर सुरक्षा कवच

भारत की सड़कें दुनिया की सबसे असुरक्षित सड़कों में गिनी जाती हैं. ड्राइवयू के सह-संस्थापक और सीईओ रहम शास्त्री ने इंडिया टुडे से बात करते हुए चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि '2024 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान गई. इनमें से कई हादसे सिर्फ नशे के कारण नहीं, बल्कि थकान और नींद की कमी की वजह से भी हुए.' शास्त्री का मानना है कि व्यवहार में बदलाव सिर्फ सख्त नियमों से नहीं, बल्कि भरोसेमंद विकल्पों की उपलब्धता से आता है. जब लोगों को पता होता है कि एक बटन दबाते ही पेशेवर और सत्यापित ड्राइवर उनके पास होगा, तो उनके जिम्मेदार विकल्प चुनने और ड्राइविंग किसी और को सौंपने की संभावना कहीं अधिक बढ़ जाती है.

10 शहरों में सेवा शुरू, हर चौथी बुकिंग नशे के खिलाफ

Advertisement

ड्राइवयू भारत में चीन जैसा ही 'ऑन-डिमांड' ड्राइवर प्लेटफॉर्म चला रहा है. वर्तमान में यह बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, कोयंबटूर और मदुरै जैसे 10 प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं दे रहा है. कंपनी ने 'शराब पीकर गाड़ी न चलाएं' (DDND) नाम से एक विशेष राइड विकल्प दिया है, जो आज इसकी सबसे लोकप्रिय सेवाओं में से एक बन चुका है. शास्त्री के मुताबिक, आज उनके प्लेटफॉर्म पर होने वाली हर चौथी बुकिंग उन ग्राहकों की होती है जो शराब के सेवन के बाद गाड़ी चलाने का जोखिम नहीं उठाना चाहते. आंकड़ों के अनुसार, जिम्मेदारी का यह बदलाव विशेष रूप से 28 से 55 वर्ष की आयु के लोगों में देखा जा रहा है. यह वह वर्ग है जो सामाजिक रूप से सक्रिय होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और अपनी जिम्मेदारी के प्रति भी पूरी तरह सजग है.

सिर्फ एक्सीडेंट ही नहीं, देर रात के दूसरे खतरों से भी सुरक्षा

नशे की हालत में खतरा सिर्फ गाड़ी चलाने तक सीमित नहीं है. रात के समय नशे में धुत पुरुष या महिला अगर कहीं फंस जाएं या उन्हें असुरक्षित विकल्प चुनने के लिए मजबूर होना पड़े, तो उन पर हमला, लूटपाट या उत्पीड़न का जोखिम बढ़ जाता है. ऐसे में एक सत्यापित और प्रोफेशनल ड्राइवर का होना मानसिक शांति देता है. अध्ययनों से पता चलता है कि जब निगरानी सख्त होती है और लोगों के पास पेशेवर ड्राइवरों जैसे सुरक्षित विकल्प होते हैं, तो रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं में 17% और मौतों में 25-30% तक की भारी गिरावट आती है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बिना इंटरनेट के भी फोन दिखाएगा रास्ता, सफर पर निकलने से पहले बस कर लें यह काम

बदलते समाज में जिम्मेदारी की नई परिभाषा

आज के दौर में शराब का सेवन अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रहा, यह समारोहों और डिनर पार्टियों का एक नियमित हिस्सा बन चुका है. विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या सुरक्षा के प्रति इरादे की कमी नहीं, बल्कि सुविधा और विश्वास की कमी है. जब कोई प्लेटफॉर्म वेरिफाइड ड्राइवर, लाइव ट्रैकिंग और त्वरित सहायता जैसी सुविधाएं देता है, तो रात भर की मस्ती के बाद ड्राइवर बुक करना एक स्वाभाविक बैकअप योजना बन जाती है. यह सेवा चुपचाप संभावित शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के एक बड़े हिस्से को गाड़ी शुरू करने से पहले ही संभाल लेती है, जिससे सड़क पर सभी के लिए पूरा सिस्टम सुरक्षित हो जाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement