हाल ही में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और OpenAI जैसी कंपनियों ने मिलकर अमेरिकी प्रशासन यानी ट्रंप सरकार से बातचीत की थी कि वह Anthropic पर दबाव ना बनाए. इन सभी के बावजूद ट्रंप सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic को सप्लाई चेन रिस्क घोषित कर दिया है. इसका मतलब ये है कि सरकारी फर्म को एंथ्रॉपिक AI चैटबॉट के यूज को बंद करना पड़ेगा.
पेंटागन ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि आधिकारिक तौर पर Anthropic की लीडरशिप को बताया जा चुका है. अब उनकी कंपनी और उसके प्रोडक्ट्स को तत्काल प्रभाव से सप्लाई चेन जोखिम माना गया है.
Anthropic के साथ बातचीत की संभावना खत्म
यह फैसला दिखाता है कि शायद Anthropic के साथ आगे होने वाली बातचीत की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है. सरकार का यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब करीब एक सप्ताह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कंपनी पर नेशनल सिक्योरिटी को खतरे में डालने का आरोप लगाया था.
बीते शुक्रवार को ही कर दिया था इशारा
ईरान युद्ध से ठीक पहले यानी बीते शुक्रवार को ट्रंप और हेगसेथ ने कई पेनाल्टी के बारे में बताया था. Anthropic के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा था कि कंपनी के AI प्रोडक्ट्स का यूज अमेरिकियों की सर्विलांस या ऑटोनोमस हथियार के लिए किया जा सकता है, जबकि वह ऐसा नहीं चाहते हैं.
ट्रंप के फैसले पर कोई जवाब नहीं दिया
सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी ने गुरुवार को ट्रंप के फैसले पर कोई जवाब नहीं दिया है. हालांकि इससे पहले Anthropic ने कहा था कि अगर पेंटागन ऐसा कोई कदम उठाती है तो कंपनी अदालत का रुख करेगी. कंपनी ने कहा था कि यह कानूनी रूप से गलत होगा और ऐसा पहले कभी भी किसी अमेरिकी कंपनी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से नहीं किया गया है.
कई फर्म बनाने लगी हैं दूरी
इस बीच बहुत सी फर्म जो अमेरिका सेना के लिए काम करती हैं, उन्होंने पहले ही एंथ्रॉपिक से दूरी बनाने लगे हैं. टेक इंडस्ट्री में तेजी से आगे बढ़ रही ये कंपनी अपने AI चैटबॉट claude को कई बिजनेस और सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराती है.
OpenAI के साथ हुई पार्टनरशिप
पेंटागन के साथ विवाद ने Anthropic और OpenAI के बीच राइवलरी को और बढ़ा दिया है. इसी बीच OpenAI ने बीते शुक्रवार को पेंटागन के साथ एक समझौते की घोषणा की. इसके तहत संवेदनशील और गोपनीय एनवायरमेंट में Anthropic की जगह ChatGPT का यूज किया जाएगा. हालांकि OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बाद में कहा कि इस पार्टनरशिप में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी.
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