आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंडस्ट्री में चैटजीपीटी मेकर के ओपनएआई एक बड़ा नाम है. कंपनी की सीईओ सैम ऑल्टमैन भारत में भी दौरा कर चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सैम ऑल्टमैन मशीन लर्निंग को समझ नहीं पाते हैं, जिसका दावा खुद ओपनएआई के कर्मचारियों ने किया है.
हाल ही में द न्यूयॉर्कर ने एक रिपोर्ट पब्लिश की है, जिसमें ओपनएआई कंपनी में मौजूद लोगों के इंटरव्यू के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है. सैम ऑल्टमैन के साथ काम करने वाले कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने कहा है कि ऑल्टमैन को टेक्नोलॉजी को लेकर बहुत ज्यादा समझ नहीं है, उनको टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नहीं कहा जा सकता है.
उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने ये भी बताया है कि वह एक बेहतरीन मैनिपुलेटर, जिसकी वजह से वह लोगों को आसानी से इंफ्लुएंस कर पाते हैं.
इंजीनियर्स ने भी लगाए हैं गंभीर आरोप
रिपोर्ट में बताया है कि कुछ इंजीनियर्स का दावा है कि वह बेसिक टेक्नोलॉजी वाले शब्द भी गलत इस्तेमाल करते हैं. गलत शब्दों की वजह से कई लोग भ्रमित हो जाते हैं.
बीच में ही छोड़ दी थी पढ़ाई
बताते चलें कि सैम ऑल्टमैन स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ चुके हैं. दरअसल, जब वे साल 2005 में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के दो साल कर चुके थे तभी उन्होंने अपनी कंपनी शुरू करने के लिए पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया था.
एक बिजनेसमैन के रूप में काम करते हैं
रिपोर्ट में ये भी दावा किया है कि सैम ऑल्टमैन अपनी इंजीनियरिंग स्किल की वजह से नहीं बल्कि बतौर एक बिजनेसमैन के रूप में काम करते हैं. उनकी एक अन्य खूबी यह है कि वह अलग-अलग लोगों को यह भरोसा दिला देते हैं कि वह उनके समर्थक हैं.
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लोगों को मनाने में एक्सपर्ट हैं
ओपनएआई के पूर्व रिसर्चर कैरोल वेनराइट ने ऑल्टमैन को लेकर कहा है कि वे लोगों को मनाने में एक्सपर्ट हैं. वह आसानी से लोगों के विचार बदल सकते हैं, जिसमें सामने वाले को जरा भी शक नहीं होता है.
2023 में पद से हटाया था
मीडिया रिपोर्ट में एक साल 2023 के मामले पर भी जांच की गई है, जिसमें ऑल्टमैन को CEO पद से हटा दिया गया था. कई लोगों ने बताया कि बोर्ड मेंबर्स को ऑल्टमैन पर इतना ज्यादा भरोसा नहीं था. कुछ मेंबर्स को लगता था कि वह एक ऐसा AI मॉडल बनाने के करीब है, जो इंसानी क्षमता की बराबरी कर सकता है.
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