माइक्रोसॉफ्ट का मेगा दांव, भारत समेत ग्लोबल साउथ में AI पर ₹4 लाख करोड़ की बड़ी प्लानिंग

अमेरिकी टेक जाइंट माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लोबल साउथ में बड़ा निवेशन का ऐलान किया है. कंपनी के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ AI Impact समिट के लिए भारत दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात भी की. आइए जानते हैं माइक्रोसॉफ्ट के इस मेगा निवेश का फायदा क्या मिलेगा.

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AI Impact Summit में बोलते हुए माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंड ब्रैड स्मिथ AI Impact Summit में बोलते हुए माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंड ब्रैड स्मिथ

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में चल रहे AI Impact Summit 2026 के दौरान बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने कहा है कि वह इस दशक के अंत तक यानी 2030 तक करीब 50 अरब डॉलर AI से जुड़े इंफ्रा और स्किल डेवलपमेंट पर खर्च करेगी. 

भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम करीब 4 लाख करोड़ रुपये बैठती है. माइक्रोसॉफ्ट के Vice Chairman और President ब्रैड स्मिथ ने मंच से कहा कि AI का फायदा अभी दुनिया में बराबर नहीं बंटा है. 

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कुछ देशों में AI तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कई देशों में इसकी पहुंच अभी भी कम है. कंपनी चाहती है कि AI सिर्फ बड़े देशों और बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि आम लोगों तक पहुंचे.

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ब्रैड स्मिथ ने कहा कि Global South यानी भारत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में AI को लेकर बड़ा मौका है. यहां टैलेंट भी है और यूजर्स भी. लेकिन सही इंफ्रा और ट्रेनिंग के बिना AI का फायदा पूरा नहीं मिल पाएगा. 

डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रा पर फोकस

माइक्रोसॉफ्ट इसी गैप को भरना चाहता है. कंपनी का फोकस AI डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रा और लोकल लेवल पर AI स्किल बढ़ाने पर रहेगा. इसके साथ ही टीचर्स और स्टूडेंट्स को भी AI से जोड़ने की योजना है ताकि आने वाले समय में ज्यादा लोग AI टूल्स का सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें.

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माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी साफ किया कि भारत उसके लिए सिर्फ एक बड़ा मार्केट नहीं है, बल्कि AI ग्रोथ का अहम सेंटर है. कंपनी पहले से ही भारत में क्लाउड और AI इंफ्रा पर निवेश कर रही है. अब इस नए ऐलान के बाद उम्मीद है कि भारत में डेटा सेंटर, ट्रेनिंग प्रोग्राम और AI से जुड़े स्टार्टअप्स को भी फायदा मिलेगा. 

समिट में यह बात भी सामने आई कि आने वाले सालों में सरकार, स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि AI का इस्तेमाल सिर्फ प्रॉफिट के लिए नहीं बल्कि आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए हो.

माइक्रोसॉफ्ट ही नहीं, गूगल भी कर रहा निवेश

माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि AI आने वाले समय में एजुकेशन, हेल्थ, खेती और सरकारी सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि टेक्नोलॉजी आम लोगों तक पहुंचे. ब्रैड स्मिथ ने कहा कि अगर सही इंफ्रा और ट्रेनिंग मिल जाए, तो भारत जैसे देश AI के जरिए बड़ी छलांग लगा सकते हैं. AI Impact Summit में हुए इस ऐलान को भारत के AI फ्यूचर के लिए एक बड़े सिग्नल के तौर पर देखा जा रहा है.

गौरतलब है कि AI Impact Summit के दौरान सुंदर पिचाई ने भारत में अगले 5 सालों के अंदर 15 बिलियन डॉलर्स निवेश का ऐलान किया है. ये मोस्टली डेटा सेंटर बनाने के लिए होगा जिससे AI सहित टेक्नोलॉजी की तरक्की होगी. इससे भारत ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों का भी बड़ा फायदा है. 

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भारत में टेक कंपनियों के निवेश के पीछे का मकसद साफ है. सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत ही है और इस वजह से तमाम तरह के प्रोडक्ट और सर्विसेज भारत में ही ज्यादा यूज किए जाएंगे. अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के मुनाफे का बड़ा चंक भारतीय यूजर्स से ही आता है. क्योंकि भारत इस वक्त इन कंपनियों के लिए एक बड़ा डेटा मार्केट की तरह भी बन चुका है. 

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