दिल्ली से सटे गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन लड़कियों ने आत्महत्या कर ली है. शुरुआती जानकारी में पता चला है कि ये तीनों लड़कियां मोबाइल पर एक गेम खेलती थीं.
पिता के मुताबिक, तीनों लड़कियां ऑनलाइन कोरियन गेम खेलने की आदि थीं, जिसकी जानकारी पिता को पहले नहीं थी. मंगलवार को गेम का लास्ट टास्क था और वे तीनों बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कूद गईं.
पहले भी सामने आ चुके हैं गेम में सुसाइड के मामले
टास्क बेस्ड गेम को लेकर सुसाइड वाला यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई ऐसे ऑनलाइन टास्क बेस्ड गेम या सोशल मीडिया ट्रेंड सामने आ चुके हैं, जिनका टास्क कंप्लीट करने के दौरान या बाद में बच्चे सुसाइड कर लेते हैं.
दुनियाभर में चर्चित था ब्लू व्हेल गेम
ब्लू व्हेल, असल में कोई गेम या ऐप नहीं था. यह सोशल मीडिया की मदद से खतरनाक सोशल मीडिया सुसाइड चैलेंज था. इसमें एक 'एडमिन' होता था, जो विक्टिम को 50 दिनों तक डेली एक टास्क देता था. शुरुआत में ये टास्क सामान्य होते थे और आखिर में जाकर वे जानलेवा तक साबित होते थे.
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मोटी पेमेंट या कोई दूसरी गड़बड़ी होने के बाद बच्चे या टीनएजर्स डर जाते हैं. यह डर इतना बड़ा हो जाता है कि घबराहट में वे गलत कदम उठा लेते थे, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए.
ऑनलाइन दुनिया में ढेरों मोबाइल गेम या सोशल मीडिया ट्रेंड वायरल होते हैं. इसका हिस्सा बनने के चक्कर में टीएनजर्स भूल जाते हैं कि वह सेफ है या नहीं.
टीनएजर्स टास्क कंप्लीट करने के लिए वे माता-पिता के बैंक अकाउंट से रुपये सेंड कर देते हैं. जबकि यहां रुक जाना चाहिए और इसके बारे में माता-पिता या किसी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए.
ऑनलाइन गेमिंग या टास्क कंप्लीट करने के चक्कर में कई टीनएजर्स प्राइवेट फोटो शेयर कर देते हैं. ऐसा करने के बाद ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए कहीं भी अपनी प्राइवेट फोटो या फिर पर्सनल फोटो शेयर नहीं करनी चाहिए.
बचाव के लिए क्या करें?
ऑनलाइन गेम या ऑनलाइन ट्रेंड को लेकर याद रखें कि वह सिर्फ एक गेम है. कई बार कुछ बच्चे गेम में कुद को एक हिस्सा मान लेते हैं, जबकि गेम सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए होते हैं.
ऑनलाइन उत्पीड़न को नजर अंदाज करना चाहिए. ऑनलाइन गेमिंग के दौरान कई बार साइबर बुलिंग, अभद्र भाषा और गेमिंग परफोर्मेंस को बेहतर करने का दबाव बनाया जाता है, जिसको इग्नोर करना चाहिए.
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माता-पिता बच्चों की परेशानी कैसे पहचानें?
ऑनलाइन गेम बेस्ड टास्क में अगर टीनएजर्स फंस जाते हैं तो बच्चों का व्यवहार कुछ अजीब हो जाता है. जानते हैं कि माता-पिता उसको कैसे पहचान सकते हैं.
रोहित कुमार