इंडिया टुडे को मिले एक्सक्लूसिव RTI जवाब में India AI Impact Expo 2026 को लेकर बड़ी सामने आई है. बता दें कि ये हाल ही में भारत में AI Impact Summit का आयोजन हुआ था. इस दौरान साइड इवेंट के तौर पर Impact
गौरतलब है कि इस समिट में दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया था. इतना ही नहीं, गूगल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट तक की टॉप लीडर्शिप इस इवेंट में शिरकत कर रहे थे. पूरा फोकस AI पर था, इसलिए OpenAI और Antrhopic जैसी दुनिया की बड़ी एआई कंपनियों के हेड्स भी इस समिट में मौजूद रहे.
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) मिनिस्ट्री ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के तहत आती है. RTI के रिप्लाई में STPI ने बताया है कि एग्ज़िबिशन स्पेस की बिक्री से कुल लगभग 67 करोड़ रुपये की कमाई हुई.
यह एक्सपो India AI Summit 2026 के साथ साइड इवेंट के तौर पर आयोजित किया गया था. संस्थानों को दिए गए स्पेस को लेकर पूछे गए सवाल पर अथॉरिटी ने कहा कि यह जानकारी पहले से ही ऑफिशियल वेबसाइट पर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है और अलग से कोई कम्पाइल्ड डेटा मेंटेन नहीं किया जाता.
स्पेस अलॉटमेंट की प्रक्रिया पर RTI जवाब में कहा गया है कि एग्ज़िबिशन स्पेस Expression of Interest (EOI) के आधार पर दिया गया और यह पूरी तरह फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व मॉडल पर था, जो उपलब्धता और एक्सपो के अप्रूव्ड लेआउट फ्रेमवर्क के तहत किया गया.
RTI में यह भी बताया गया कि एक्स्पो को एक स्ट्रक्चर्ड प्लेटफॉर्म के तौर पर तैयार किया गया था, जहां एग्जिबिटर्स अपने AI प्रोडक्ट्स, सर्विसेज और इनोवेशन्स को शोकेस कर सकें, ताकि वे अपने टारगेट ऑडिएंस को एजुकेट, इंगेज और इंट्रैक्ट कर सकें.
यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर पहल कर रही है. ऐसे में इस तरह के एक्सपो न सिर्फ टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने का मंच बन रहे हैं, बल्कि इनके जरिए बड़े स्तर पर कमाई भी हो रही है.
अशोक उपाध्याय