AI Impact Summit 2026 के चौथे दिन बड़ी हलचल रही. दुनिया के बड़े टेक लीडर्स जुट चुके हैं. गूगल सीईओ सुंदर पिचाई, ओपन एआई सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रॉपिक सीईओ डारियो एमोडेइ की चर्चा चारों तरफ है. लेकिन Alexander Wang इस समिट में एक ऐसी शख्सियत हैं जिनके बारे में कम बात हो रही है. दिलचस्प ये है कि वांग उम्र में सबसे छोटे हैं, लेकिन कद में काफी बड़े हैं.
Alexandr Wang उम्र में सबसे छोटे लीडर्स में से हैं जो इस समिट में पहुंचे. मंच पर PM नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा. Alexander Wang आज Meta की AI स्ट्रैटिजी को लीड कर रहे हैं और वो 29 साल के हैं.
ग़ौरतलब है कि Alexender Wang टॉप AI कंपनी Scale AI के फाउंडर रह चुके हैं. बहुत कम उम्र में उन्होंने AI डेटा से जुड़ी कंपनी खड़ी की. बाद में Meta ने उन्हें अपने सबसे अहम AI मिशन की जिम्मेदारी सौंपी.
अलेक्जेंडर वांग युवा अरबपति
Alexandr Wang सिर्फ एक सामान्य टेक लीडर नहीं हैं, वह AI इंडस्ट्री के सबसे युवा और हाई-प्रोफाइल प्रोफेशनल्स में से एक हैं. MIT छोड़कर उन्होंने 2016 में Scale AI नाम की कंपनी शुरू की, जो AI डेटा-लेबलिंग और मॉडल ट्रेनिंग के लिए जानकारी तैयार करती है.
दुनिया की बड़ी AI कंपनियां जैसे NVIDIA, Amazon और Meta जैसी कंपनियां Scale AI के क्लाइंट रहे हैं. इसी काम की वजह से उनकी कंपनी जल्दी ही Unicorn बनी और Forbes के मुताबिक उनका नेट वर्थ लगभग $3.2–$3.6 बिलियन (करीब ₹28,000–₹31,000 करोड़) तक पहुंच गया. यानी वांग दुनिया के सबसे युवा अरबपतियों में शामिल हैं.
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Meta ने वांग को ऐसे किया हायर
Meta ने Alexandr Wang को हायर करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया. 2025 में Meta ने Scale AI में लगभग $14.3 बिलियन (करीब ₹1,17,000 करोड़) का निवेश किया और कंपनी का लगभग 49% हिस्सा लिया. इसी दौरान Wang को Meta में Superintelligence Labs (MSL) का प्रमुख बनाया गया.
इस डील को AI इतिहास के सबसे बड़े टेलेंट एक्यू हायर में से एक माना गया और Mark Zuckerberg ने खुद इसे Meta की AI स्ट्रैटिजी को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम बताया. Wang इस डील के तहत Meta में शामिल हुए, और उन्हें AI डिविजन का लीड बना दिया गया.
वांग का विजन
AI Impact Summit के दौरान PM मोदी से उनकी मुलाकात को सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा. Meta के लिए भारत अब सिर्फ बड़ा मार्केट नहीं है. भारत AI का अगला बड़ा केंद्र बन रहा है.
Alexandr Wang ने मंच से कहा कि भारत में AI को अपनाने की रफ्तार बहुत तेज है. यहां के लोग नई टेक्नोलॉजी जल्दी अपनाते हैं. वांग टेक्नोलॉजी, खास तौर पर AI और Superintelligence को लेकर काफी इंथुजियैस्ट हैं. उन्होंने खुद ही कई मॉडल्स पर काम किया है.
WhatsApp, Instagram और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म्स पर AI फीचर सबसे ज्यादा यूज इंडिया में होते हैं. यही वजह है कि Meta भारत को AI के लिए एक बड़ा टेस्टिंग ग्राउंड मानता है.
इंसानों से भी आगे Superintelligence
Superintelligence का मतलब ये है कि AI जो इंसान की बुद्धि से आगे निकल जाए. आज जो AI हम इस्तेमाल करते हैं, जैसे ChatGPT या दूसरे टूल्स, वो इंसान की मदद करते हैं, लेकिन खुद से सोचने, समझने और हर तरह के काम करने में इंसान से बेहतर नहीं हैं.
Superintelligence में AI ना सिर्फ इंसान जितना स्मार्ट होगा, बल्कि उससे तेज़ सीखेगा, बेहतर फैसले लेगा और मुश्किल से मुश्किल समस्याएं भी खुद हल कर पाएगा.
इसे इस तरह समझें कि जैसे आज का AI एक बहुत तेज़ असिस्टेंट है, वहीं Superintelligence एक ऐसा दिमाग होगा जो हर फील्ड में इंसान से आगे निकल सकता है.
इसी वजह से Superintelligence को लेकर उम्मीद और डर दोनों हैं. उम्मीद यह है कि इससे दवाइयों की खोज तेज़ हो सकती है, बीमारियों का इलाज बेहतर हो सकता है और जलवायु जैसे बड़े मुद्दों पर समाधान निकल सकते हैं.
लेकिन डर यह भी है कि अगर ऐसा AI इंसानी कंट्रोल से बाहर चला गया या गलत हाथों में पड़ गया, तो नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है. इसलिए दुनिया भर के टेक लीडर्स कह रहे हैं कि Superintelligence पर काम करते समय सुरक्षा, भरोसा और इंसानी नियंत्रण सबसे ज़रूरी चीज़ होनी चाहिए.
भारत के लिए पर्सनल सुपर इंटेलिजेंस, लेकिन क्या है ये?
Alexandr Wang जिस कॉन्सेप्ट पर सबसे ज्यादा जोर दे रहे हैं, उसका नाम है Personal Superintelligence. आसान शब्दों में कहें तो आने वाले समय में हर इंसान के पास अपना पर्सनल AI होगा.
आज AI सवालों का जवाब देता है, लेकिन कल AI काम में मदद करेगा. आने वाले वक्त में AI इंसान के साथ मिलकर फैसले लेने लगेगा.
Meta का फोकस ऐसे AI टूल्स बनाने पर है जो WhatsApp और Instagram जैसे ऐप्स में सीधे जुड़ जाएं. मतलब यूजर को अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने की जरूरत न पड़े. पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस और रोजमर्रा के काम में AI सीधे मोबाइल पर मदद करेगा.
बीच में छोड़ दी थी पढ़ाई…
Alexandr Wang की कहानी भी काफी दिलचस्प है. उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ी. AI डेटा पर काम शुरू किया. कुछ ही सालों में उनकी कंपनी अरबों डॉलर की वैल्यू तक पहुंच गई. आज वह दुनिया के सबसे युवा टेक अरबपतियों में गिने जाते हैं.
AI Impact Summit में उनकी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में AI की दिशा सिर्फ उम्रदराज CEO तय नहीं करेंगे. नए और युवा लीडर्स इस रेस में आगे निकल रहे हैं.
मुन्ज़िर अहमद