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आतंकवादियों के साथ शामिल हो... डिजिटल अरेस्ट करने वालों का नया पैंतरा, लाखों रुपये ठगे

aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST
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साइबर ठगी का एक नया केस

साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग को शिकार बनाया है. 85 साल के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करके 9.5 लाख रुपये उड़ा लिए हैं. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. (Photo: Unsplash)
 

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अनजान नंबर से आया कॉल 

लखनऊ से 85 साल के बुजुर्ग को एक अनजान नंबर से कॉल आया, कॉल करने वाले ने खुद की फर्जी पहचान बताई और खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के ऑफिसर बताया. विक्टिम को बताया गया है कि वह आतंकवादी गतिविधि में शामिल हैं. (Photo: Unsplash)

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विक्टिम पर फर्जी आरोप लगाए

पुलिस ने बताया कि विक्टिम को 6 अप्रैल के दिन वॉट्सऐप कॉल रिसीव हुई. इसके बाद विक्टिम पर फर्जी आरोप लगाए गए कि वह आतंकवादी एक्टिविटी में शामिल हैं और उनके खिलाफ अरेस्ट वॉरेंट है. (Photo: Unsplash)

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फर्जी दस्तावेज आदि का हवाला

फिर विक्टिम पर गंभीर आरोप और कई फर्जी दस्तावेज आदि का हवाला दिया. इसके बाद विक्टिम को वीडियो कॉल पर आने को कहा और जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया. (Photo: Unsplash)

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इतने दिन रखा डिजिटल अरेस्ट 

विक्टिम को जांच के नाम पर सर्विलांस पर रखा. इसके लिए उनको 6 अप्रैल से 9 अप्रैल तक तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया. साथ ही उनसे कहा कि वह अपनी फैमिली मेंबर्स से मदद ना मांगे. (Photo: AI Generated)

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दो बार में ट्रांसफर किए रुपये 

विक्टिम पर फर्जी गंभीर आरोप लगाए गए. डराया और धमकाया और गिरफ्तारी तक का डर दिखाया गया.  पुलिस ने बताया कि विक्टिम ने 7 अप्रैल को 7.5 लाख रुपये और 9 अप्रैल को 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.  (Photo: AI Generated)

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विक्टिम ने दर्ज कराई कंप्लेंट 

फिर विक्टिम को पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है. इसके बाद विक्टिम ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और कंप्लेंट दर्ज कराई. सावधानी के लिए जरूरी है कि अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर आंख बंद करके यकीन ना करें. (Photo: Getty)

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