इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने यात्रियों की ई-वॉलेट में बढ़ती रुचि से उत्साहित होकर दूसरी बार निशुल्क पंजीकरण की सुविधा का विस्तार किया है. इसके तहत आईआरसीटीसी 30 अक्टूबर तक अपने पोर्टल पर ई-टिकटिंग के लिए सस्ता, विश्वसनीय और गड़बड़ी से मुक्त भुगतान के विकल्प देगी.
ई-टिकटिंग के लिए एक वैकल्पिक भुगतान
ई-टिकटिंग के लिए एक वैकल्पिक भुगतान प्रणाली के रूप में एक पायलट परियोजना के रूप में 2012 में ई-वॉलेट की सुविधा शुरू की थी. इस साल मई में, एक महीने (16
मई- 15 जून) के लिए निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी. उसके बाद 16 जून से इस तरह के पंजीकरण के लिए 50 रुपये का शुल्क लिया जा रहा था.
पंजीकरण शुल्क 27 जुलाई से 30 अक्टूबर तक माफ
इससे पहले आईआरसीटीसी ने ई-वॉलेट के लिए निःशुल्क पंजीकरण की तारीख 6 जुलाई तक एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी थी. आईआरसीटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. ए. के. मनोचा
के मुताबिक आसानी से और सुविधाजनक रूप से टिकट का आरक्षण कराने के लिए रेल यात्रियों में ई- वॉलेट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए ई-वॉलेट
पंजीकरण शुल्क 27 जुलाई से 30 अक्टूबर तक माफ कर दिया है.
ई- वॉलेट में हुए कई तकनीकी बदलाव
मनोचा के मुताबिक, आईआरसीटीसी को शिकायत मिली थी कि भुगतान के अन्य तरीकों से भुगतान करने पर टिकट बुक हुए बगैर पैसे कट जा रहे हैं. हमने आईआरसीटीसी की ई-वॉलेट के
माध्यम से इस समस्या का पूरी तरह से समाधान करने का फैसला लिया है. आईआरसीटीसी ने चौबीसों घंटे ई-टिकट बुकिंग सहित ई- वॉलेट में कई तकनीकी बदलाव किए.
10,000 रुपये तक किया जा सकता है टॉप- अप रिचार्ज
आईआरसीटीसी की ई- वॉलेट के इसकी वेबसाइट पर अन्य भुगतान विकल्पों की तुलना में कई फायदे हैं. इसे 100 रुपये के गुणकों में टॉप- अप किया जा सकता है और अधिकतम 10,000
रुपये का टॉप- अप किया जा सकता है. अन्य भुगतान विकल्पों की तुलना में सस्ता है और प्रति ट्रांजैक्शन केवल पांच रुपये का शुल्क लिया जाता है.
आधार कार्ड से भी होगा ई- वॉलेट का पंजीकरण
इसके अलावा ई- वॉलेट के माध्यम से भुगतान प्रमाणीकरण के दो कारकों- पंजीकृत मोबाइल पर ट्रांजैक्शन पासवर्ड और ओटीपी के कारण और भी अधिक सुरक्षित हो जाता है. मौजूदा समय में
आईआरसीटीसी का करने के लिए पैन कार्ड के माध्यम से सत्यापन किया जाता है. जल्द ही आधार कार्ड के माध्यम से भी इसका सत्यापान किया जा सकेगा.
केशव कुमार / सिद्धार्थ तिवारी