ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने कहा कि यदि उनके खिलाड़ी भारतीय कप्तान विराट कोहली की तरह विकेटों का जश्न मनाते तो उन्हें अब तक ‘दुनिया के सबसे बदतर इंसान’ करार दे दिया गया होता.
लैंगर ने भारत के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की धीमी बल्लेबाजी को लेकर सचिन तेंदुलकर के ‘रक्षात्मक मानसिकता’ वाले ट्वीट पर भी ऐतराज जताया.
कोहली ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के हर विकेट का अपने अंदाज में जश्न मनाया. लैंगर ने कहा कि वह जुनून देखकर उन्हें अच्छा लगा लेकिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ऐसा करते तो उनके बारे में अलग राय बनाई जाती.
लैंगर ने कहा ,‘कोहली खेल का सुपरस्टार हैं और कप्तान हैं. हम ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में इस पर लंबी बात करते आए हैं कि विरोधी कप्तान को दबाव में रखना है. खेल में वह जुनून देखकर अच्छा लगता है.’
लैंगर ने कहा, ‘यदि हम ऐसा कुछ करते तो हमें दुनिया में सबसे खराब कह दिया जाता. सीमारेखा की बात होने लगती. लेकिन, मुझे जुनून देखकर अच्छा लगता है लेकिन जैसा कि मैने कहा कि एक सीमा रेखा होती है.’
इससे पहले तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा, ‘टीम इंडिया को इस स्थिति का पूरा फायदा उठाकर अपनी पकड़ नहीं छोड़नी चाहिए. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की अपनी धरती पर रक्षात्मक मानसिकता मैने पहले कभी नहीं देखी.’ लैंगर ने कहा, ‘सचिन ने जिन टीमों के खिलाफ खेला, उनमें एलेन बॉर्डर और डेविड बून, स्टीव और मार्क वॉ और रिकी पोंटिंग जैसे खिलाड़ी थे. हमारे पास ऐसी टीम है जिसके पास टेस्ट क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है.’