ईशान किशन की कहानी आज उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलताओं से घबराकर हार मान लेते हैं. 2021 में डेब्यू के दौरान अर्धशतक और 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ दोहरा शतक जड़कर उन्होंने भविष्य के क्रिकेट स्टार के रूप में खुद को स्थापित किया. लेकिन लगातार बेंच पर बैठने और मानसिक थकावट के कारण जब उन्होंने ब्रेक मांगा तो बीसीसीआई ने उन्हें केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया. ईशान निराश नहीं हुए. उन्होंने घर के पीछे पिच बनाकर कड़ी मेहनत जारी रखी और गीता तथा साईं बाबा से प्रेरणा लेकर संघर्ष की राह पर टिके रहे.