भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपनी टीम की तेज गेंदबाजी ताकत को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में स्पेशल फास्ट बॉलिंग कैम्प कराने की जिम्मेदारी सौंपी है.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक यह विशेष कैम्प 28 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. इसमें अलग-अलग राज्य संघों से चुने गए युवा तेज गेंदबाज हिस्सा लेंगे. ऑस्ट्रेलियाई कोच ट्राय कूली का चार साल का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो चुका है. तब से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फास्ट बॉलिंग कोच का पद खाली है. हालांकि बीसीसीआई ने इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, लेकिन अभी तक स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है. ऐसे में जहीर खान की यह भूमिका एक अस्थायी लेकिन अहम कदम मानी जा रही है.
यह भी पढ़ें: फैन्स के लिए खुशखबरी! ROKO फिर उतरेंगे मैदान में, अफगानिस्तान सीरीज के लिए शेड्यूल जारी
इस पहल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण का पूरा समर्थन मिला है. लक्ष्मण चाहते हैं कि युवा तेज गेंदबाजों को बेहतर मार्गदर्शन और संरचित प्रशिक्षण मिले, ताकि वे भविष्य में राष्ट्रीय टीम के लिए तैयार हो सकें. पिछले कुछ वर्षों में खासकर टेस्ट क्रिकेट में भारत की तेज गेंदबाजी यूनिट में गहराई देखने को नहीं मिली है.
चोट, वर्कलोड मैनेजमेंट और बैकअप की कमी के कारण चयनकर्ताओं के सामने कई बार सीमित विकल्प रहे हैं. बीसीसीआई चाहता है कि नया फास्ट बॉलिंग कोच राष्ट्रीय टीम की जरूरतों के अनुरूप संरचित कार्यक्रम तैयार करे.
जहीर खान का शानदार रहा रिकॉर्ड
47 साल के जहीर खान ने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. इस दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 31.14 की औसत से 610 विकेट लिए, जिसमें 12 मौकों पर पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट शामिल थे. विदेशी परिस्थितियों में लंबी स्पेल डालने और फिटनेस बनाए रखने का उनका अनुभव युवा गेंदबाजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.
मेंटर के तौर पर भी जहीर खान सफल रहे हैं. मुंबई इंडियंस (MI) के साथ अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे गेंदबाजों के साथ काम किया. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अल्पकालिक जिम्मेदारी आगे चलकर स्थायी भूमिका में बदलती है या नहीं. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फुल टाइम पद संभालना निश्चित रूप से बड़ा और समय लेने वाला दायित्व होगा.
aajtak.in