वैभव अब पहले से ज्यादा खतरनाक हो गया है... IPL के गेंदबाजों के लिए आई सबसे बुरी खबर!

वैभव सूर्यवंशी ने LSG के खिलाफ मैच में अपने खेल का नया रूप दिखाया. अब तक सिर्फ विस्फोटक हिटिंग के लिए मशहूर 15 साल के बल्लेबाज ने पहली बार प्रभावी तरीके से रैंप और अपरकट जैसे आधुनिक T20 शॉट खेले. मोहसिन खान और मयंक यादव की तेज गेंदबाजी के सामने शुरुआती संघर्ष के बाद वैभव ने धैर्य दिखाया और फिर आक्रामक अंदाज में मैच पलट दिया. 579 रन, 53 छक्के और 236 की स्ट्राइक रेट के साथ वैभव अब सिर्फ पावर हिटर नहीं, बल्कि मैच पढ़कर खेलने वाला खतरनाक बल्लेबाज भी बनता दिख रहा है.

Advertisement
वैभव के खेल का नया रूप. (Photo, PTI) वैभव के खेल का नया रूप. (Photo, PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:45 PM IST

अब तक गेंदबाजों के पास वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ एक छोटी-सी तसल्ली थी... यह 15 साल का तूफान भले 236 की स्ट्राइक रेट से रन बना रहा हो, 53 छक्के उड़ा चुका हो, लेकिन उसके खेल में अभी भी एक 'गैप' है.

- वह रैंप शॉट नहीं खेलता.
- न स्कूप.
- न विकेटकीपर के ऊपर से गेंद उड़ाने वाला आधुनिक T20 वाला आतंक.

Advertisement

... फिर लखनऊ सुपर जायंट्स ने गलती कर दी.उन्होंने वैभव को वह शॉट खेलने पर मजबूर कर दिया.

और अब शायद IPL के बाकी गेंदबाजों की रातों की नींद उड़ने वाली है.

मोहसिन खान ने शुरुआत में उसे बांध दिया. मयंक यादव की 150+ KMPH रफ्तार ने पहली बार वैभव को थोड़ा असहज दिखाया. 12 गेंदों में सिर्फ 11 रन. ऐसा लगा जैसे किसी ने सुपरकार के ब्रेक दबा दिए हों.

लेकिन यही वह जाल था, जिसमें LSG खुद फंस गया.

वैभव ने पहली बार मैच के भीतर इंतजार करना चुना. जोखिम कम किया. गेंद देखी. प्लान पढ़ा. और फिर अचानक प्रिंस यादव की गेंद पर बल्ला तिरछा करके रैंप खेल दिया.

बस, वहीं कहानी बदल गई.  क्योंकि यह सिर्फ एक शॉट नहीं था.  यह संकेत था कि यह लड़का सीख भी उतनी ही तेजी से रहा है, जितनी तेजी से रन बना रहा है.

Advertisement

अब तक गेंदबाजों की उम्मीद थी कि तेज बाउंसर, शरीर पर अटैक और ऑफ साइड के पीछे खाली जगह देकर उसे रोका जा सकता है. लेकिन वैभव ने उसी इलाके में रन निकालकर बता दिया- 'अब यह रास्ता भी बंद.'

सबसे डरावनी बात क्या है?
- उसने घबराकर नहीं खेला.
- उसने गुस्से में हमला नहीं किया.
- उसने इंतजार किया... और फिर हमला किया.

15 साल की उम्र में बल्लेबाज आमतौर पर सिर्फ शॉट खेलते हैं. वैभव मैच पढ़ रहा है. और जब कोई बल्लेबाज गेंदबाज की प्लानिंग समझने लगे, तब मामला सिर्फ टैलेंट का नहीं रहता - तब वह सिस्टम पर कब्जा करना शुरू कर देता है.

मयंक यादव की तेज गेंद पर बैकफुट से खेला गया एक्स्ट्रा-कवर ड्राइव शायद इस सीजन का सबसे खतरनाक संदेश था. इतनी रफ्तार पर ज्यादातर बल्लेबाज बचने की कोशिश करते हैं. वैभव ने उसे बॉउंड्री बना दिया.

अब तस्वीर साफ है- 

अगर वैभव सिर्फ पावर हिटर होता, तो गेंदबाज कभी न कभी रास्ता निकाल लेते. अगर वह सिर्फ बेखौफ होता, तब भी कमजोरी पकड़ ली जाती.

लेकिन अब वह सोच भी रहा है. एडजस्ट भी कर रहा है. और नए शॉट भी जोड़ रहा है. यानी IPL के बॉलरों को एक और बड़ी समस्या मिल चुकी है. 15 साल का यह बल्लेबाज अब सिर्फ छक्के नहीं मार रहा...वह गेंदबाजों की उम्मीद भी तोड़ रहा है.

Advertisement


 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement