अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन आज (मंगलवार) होगा, लेकिन इस बार चयन बैठक किसी सामान्य औपचारिकता से कम नहीं होगी- कई बड़े नामों का भविष्य दांव पर है.
सबसे बड़ा सवाल तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड को लेकर है. चयनकर्ता उन्हें टेस्ट और वनडे दोनों में उतारने के जोखिम के मूड में नहीं हैं. शरीर पर बढ़ते बोझ के बीच बुमराह को लेकर ‘सलेक्शन बनाम सुरक्षा’ की जंग छिड़ी हुई है.
दूसरी तरफ रोहित शर्मा की फिटनेस भी बड़ा सवाल बनी हुई है. हैमस्ट्रिंग चोट से जूझने के बाद उनका लगातार बाहर रहना और हाल ही में सिर्फ ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरना साफ संकेत है कि चयनकर्ता कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं- फिट नहीं तो टीम नहीं.
ODI में विकेटकीपर की कुर्सी पर जंग
वनडे टीम में विकेटकीपर स्लॉट अब खुली जंग बन चुका है. ऋषभ पंत के लिए राह आसान नहीं दिख रही, क्योंकि ईशान किशन और संजू सैमसन लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं. एक गलत चयन और तस्वीर पूरी बदल सकती है.
कोहली का फॉर्म, रोहित की गैरमौजूदगी में ताकत
विराट कोहली ने आईपीएल में जिस अंदाज में फॉर्म दिखाया है, उसने उन्हें वनडे स्क्वॉड में लगभग ‘अटूट’ बना दिया है. रोहित की अनिश्चितता के बीच कोहली टीम की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं.
टेस्ट टीम में नंबर-3 की पुरानी बीमारी बरकरार
टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी चिंता फिर वही- नंबर-3 बल्लेबाजी की अस्थिरता. चेतेश्वर पुजारा के बाद यह जगह अब तक खाली जैसी ही रही है. साई सुदर्शन को मौका मिला, लेकिन वह असर नहीं छोड़ सके.
अब चयनकर्ताओं की नजर देवदत्त पडिक्कल पर है, जिन्हें लंबी रेस का घोड़ा मानकर लगातार मौके दिए जा सकते हैं.
घरेलू क्रिकेट से दस्तक, नए नामों की एंट्री तय?
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने रणजी में 60 विकेट लेकर चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया है कि उन्हें नजरअंदाज करना अब आसान नहीं. वहीं आईपीएल में स्पीड और एग्रेसन से छाप छोड़ने वाले प्रिंस यादव भी वनडे टीम में सरप्राइज एंट्री कर सकते हैं.
गेंदबाजी आक्रमण में भी बदलाव तय
अगर बुमराह को आराम दिया जाता है, तो जिम्मेदारी सीधे मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी. उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा की वापसी भी लगभग तय मानी जा रही है.
हार्दिक की फिटनेस- वनडे की आखिरी पहेली
ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या लगातार पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं. आईपीएल में उनकी अनियमित उपलब्धता ने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है. उनका चयन पूरी तरह फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर रहेगा.
कुल मिलाकर, यह चयन बैठक सिर्फ टीम चुनने की नहीं, बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स की नींव तय करने की जंग बन चुकी है- जहां हर फैसला शोर भी मचाएगा और दिशा भी तय करेगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क