आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का धमाल पूरी दुनिया में देखने को मिला. 7 फरवरी से शुरू हुए इस महामुकाबले की फाइनल घड़ी अब आ गई है. 20 टीमों के साथ शुरू हुआ ये सफर अब दो टीमें यानी भारत और न्यूजीलैंड के बीच सिमट गया है. जिनके बीच फाइनल मैच आज यानी रविवार को खेला जाएगा. ट्रॉफी कौन जीतेगा. इसका फैसला तो अहमदाबाद में होने वाले मुकाबले के बाद होगा. लेकिन क्या आपको पता है कि टूर्नामेंट की इस ट्रॉफी का एक खास संबंध जयपुर से भी है.
जयपुर से है ट्रॉफी का कनेक्शन
दरअसल, इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को जयपुर के ट्रॉफी डिजाइनर अमित पबुआल ने तैयार किया है. अमित पबुवाल ने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी का शुरुआती डिजाइन ऑस्ट्रेलिया की डिजाइन कंपनी Minale Bryce ने तैयार किया था. इसके बाद इस डिजाइन के आधार पर ट्रॉफी बनाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई.
पबुवाल के मुताबिक, ट्रॉफी का डिजाइन वर्ष 2007 में तैयार हुआ था, जब वर्ल्ड कप का पहला संस्करण आयोजित किया गया था. डिजाइन तय होने के बाद आईसीसी ने उन्हें ट्रॉफी बनाने का काम दिया.
उन्होंने बताया, “जब ट्रॉफी का डिजाइन फाइनल हो गया, तब आईसीसी ने मुझे इसे बनाने की जिम्मेदारी दी. इसी तरह 2007 में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी तैयार की गई.”
पबुवाल ने बताया कि इससे पहले उन्होंने क्रिकेट के लिए दुनिया की सबसे बड़ी सिल्वर ट्रॉफी फ्रेंडशिप कप भी डिजाइन की थी. इसी ट्रॉफी की वजह से आईसीसी का ध्यान उनकी ओर गया और बाद में उनसे टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी बनवाई गई.
उन्होंने कहा कि शुरुआत में आईसीसी ट्रॉफी को टाइटेनियम और ग्लास के मिश्रण से बनाना चाहता था, ताकि यह टी20 क्रिकेट की तेज और आधुनिक शैली को दिखा सके. इसके लिए कई नमूने भी बनाए गए, लेकिन धातु के ढांचे के साथ कांच को जोड़ने पर वह बार-बार टूट जाता था.
चांदी से तैयार की गई ट्रॉफी
कई प्रयोगों के बाद पबुवाल ने सलाह दी कि यह संयोजन तकनीकी रूप से सफल नहीं हो पाएगा. इसके बाद ट्रॉफी का अंतिम रूप चांदी से तैयार किया गया और उस पर प्लैटिनम की परत चढ़ाई गई, जिससे वह मजबूत और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए उपयुक्त बन सके.
जानें इसकी खासियत
उन्होंने यह भी बताया कि असली ट्रॉफी आईसीसी मुख्यालय में सुरक्षित रखी जाती है, जबकि टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को उसकी बिल्कुल वैसी ही एक प्रतिकृति दी जाती है. यह ट्रॉफी करीब 21 इंच ऊंची है, इसका वजन लगभग 6 किलोग्राम है और यह चांदी पर प्लैटिनम की परत चढ़ाकर बनाई गई है.
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