सनथ जयसूर्या ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंकाई टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अपने भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है. श्रीलंका के हेड कोच जयसूर्या ने साफ किया कि वह फिलहाल पद नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन यदि श्रीलंका क्रिकेट (SLC) को कोई उपयुक्त विकल्प मिलता है, तो वह जिम्मेदारी सौंपने के लिए तैयार हैं. जयसूर्या के बयान से ये संकेत मिलता है बतौर हेड कोच उनका कार्यकाल अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है.
पाकिस्तान के खिलाफ 5 रनों की करीबी हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनथ जयसूर्या ने कहा कि उनके भविष्य पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक है. अब श्रीलंका की इसी महीने अफगानिस्तान के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज प्रस्तावित है, ऐसे में बोर्ड फिलहाल स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में हो सकता है.
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सनथ जयसूर्या ने कहा, 'मैंने सोचा था कि यह जिम्मेदारी किसी और को सौंप दूं. इंग्लैंड सीरीज के दौरान दो महीने पहले भी मैंने कहा था कि यहां लंबे समय तक रहने की योजना में नहीं हूं. वर्ल्ड कप जिस तरह खत्म हुआ, उसका अफसोस है. पिछले डेढ़ साल में हमने रैंकिंग में सुधार किया और टीम को बेहतर स्थिति में पहुंचाया. जून में मेरा कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो रहा है. मैंने अभी आधिकारिक फैसला बोर्ड को नहीं बताया है.'
श्रीलंका का टी20 वर्ल्ड कप अभियान शुरुआत से ही संघर्षपूर्ण रहा. लीग स्टेज में जिम्बाब्वे के खिलाफ चौंकाने वाली हार के बावजूद श्रीलंकाई टीम सुपर 8 स्टेज में पहुंची. फिर सुपर 8 स्टेज में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान से उसे हार का सामना करना पड़ा. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला सबसे ज्यादा दर्दनाक साबित हुआ. 213 रनों के चेज में श्रीलंका के लिए कप्तान दासुन शनाका ने नाबाद 76 रनों की विस्फोटक पारी खेली, लेकिन टीम महज 5 रन से लक्ष्य से चूक गई. 2014 की चैम्पियन श्रीलंका टीम लगातार पांचवीं बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही.
जयसूर्या के अंडर श्रीलंका का शानदार प्रदर्शन
2024 के मध्य में अंतरिम कोच के रूप में जिम्मेदारी संभालने वाले सनथ जयसूर्या को उसी साल स्थायी मुख्य कोच बना दिया गया था. उनके कार्यकाल में श्रीलंका ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं. 27 साल बाद भारत के खिलाफ पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती. इंग्लैंड के विरुद्ध ओवल मैदान पर इस टीम ने यादगार टेस्ट जीत हासिल की. वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी धरती पर 2-0 से टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाया.
हालांकि टी20 क्रिकेट में श्रीलंकाई टीम निरंतरता हासिल नहीं कर सकी. एशिया कप और पाकिस्तान में हुई त्रिकोणीय सीरीज में औसत प्रदर्शन के बाद अब वर्ल्ड कप में भी उम्मीदों पर पानी फिर गया. सनथ जयसूर्या के कार्यकाल में श्रीलंका ने कुल 76 मैच खेले, जिनमें 34 में जीत दर्ज की. यह आंकड़ा प्रगति की ओर इशारा करता है, लेकिन टी20 में बार-बार की असफलता ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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