इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने मौजूदा इंग्लिश टीम पर लगे उस आरोप को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा है कि टीम के अंदर शराब पीने की संस्कृति (ड्रिंकिंग कल्चर) है. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के दौरान सामने आए कुछ शराब से जुड़े मामलों के बाद यह बहस तेज हो गई थी.
दरअसल, इंग्लैंड की लिमिटेड ओवर टीम के कप्तान हैरी ब्रूक को न्यूजीलैंड में एक बाउंसर से बहस के बाद जुर्माना भरना पड़ा था. इसके अलावा एशेज सीरीज के बीच नोसा में ब्रेक के दौरान कुछ इंग्लिश खिलाड़ियों की शराब पीते हुए तस्वीरें भी सामने आई थीं. इन घटनाओं के बाद टीम की ऑफ-फील्ड संस्कृति पर सवाल उठने लगे.
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क्या बोले स्टुअर्ट ब्रॉड
अपने पॉडकास्ट में स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा कि इन मामलों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और यह कुछ अलग-अलग गलतियों का नतीजा है, न कि पूरी टीम की समस्या. ब्रॉड ने कहा, 'कुछ खिलाड़ियों से गलतियां हो गईं और वह मीडिया में आ गईं. असली बात यह है कि आपके टीम-मेट्स को आपको ऐसी स्थिति से बाहर निकालना चाहिए. जब ऐसा होता है, तभी आपकी टीम कल्चर मजबूत मानी जाती है.'
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इस बीच ऐसी खबरें भी आईं कि इंग्लैंड टीम आगे से रात 12 बजे का कर्फ्यू लागू कर सकती है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. हालांकि ब्रॉड को यह विचार पसंद नहीं आया.
उन्होंने कहा, 'मुझे कभी भी 12 बजे का कर्फ्यू पसंद नहीं था. मुझे नहीं लगता कि इसकी जरूरत होनी चाहिए. अगर आपके आसपास ऐसे लोग हैं जो सही समय पर आपको घर भेज दें और कह दें कि अब बस बहुत हो गया, तो वही काफी है.' एशेज के बाद अब इंग्लैंड टीम का पूरा फोकस श्रीलंका दौरे और टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर है.
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