दुनिया के सबसे चर्चित अंपायरिंग विवादों में शामिल 2003 ब्रिस्बेन टेस्ट का फैसला आज भी क्रिकेट फैन्स को याद है. अब उस मुकाबले के अंपायर रहे स्टीव बकनर (Steve Bucknor) ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने सचिन तेदुलकर ( Sachin Tendulkar) को गलत आउट दिया था.
79 वर्षीय बकनर ने West Indies Cricket Umpires’ Association को दिए इंटरव्यू में कहा-सचिन को LBW देना एक गलती थी. आज तक लोग मुझसे उस फैसले के बारे में पूछते हैं. जिंदगी में गलतियां होती हैं, मैंने उसे स्वीकार कर लिया है.
ब्रिस्बेन टेस्ट में हुआ था विवाद
यह घटना 2003 में ब्रिस्बेन में खेले गए भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के दौरान हुई थी. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी की गेंद को सचिन छोड़ना चाह रहे थे, लेकिन गेंद पैड पर लगी और उन्हें LBW दे दिया गया. टीवी रीप्ले में साफ दिखा कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थी. यानी फैसला तकनीकी रूप से गलत था.
कमेंट्री बॉक्स में भी उठे थे सवाल
उस समय कमेंट्री कर रहे पूर्व कप्तान टोनी ग्रेग ने इसे “dreadful decision” (घटिया निर्णय ) कहा था. क्रिकेट जगत के कई फैन्स ने भी इस फैसले की कड़ी आलोचना की थी.
मैच ड्रॉ, लेकिन फैसला बन गया इतिहास
चार मैचों की उस सीरीज का यह पहला टेस्ट था, जो ड्रॉ पर खत्म हुआ. भारत की ओर से कप्तान सौरव गांगुली ने शानदार 144 रन की पारी खेली थी, लेकिन मैच से ज्यादा चर्चा अंपायरिंग को लेकर हुई.
2005 में भी उठा था विवाद
यह पहली बार नहीं था जब बकनर का फैसला सचिन के खिलाफ विवाद में आया. 2005 में कोलकाता में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट के दौरान उन्होंने सचिन को कैच आउट दिया था, जबकि गेंद और बल्ले के बीच साफ गैप दिख रहा था. उस गेंदबाजी स्पेल में अब्दुल रज्जाक गेंदबाज थे.
लंबा और सफल करियर, पर एक फैसला भारी
बकनर ने 1989 से 2009 के बीच 128 टेस्ट मैचों में अंपायरिंग की और दो दशकों तक उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे सम्मानित अंपायरों में गिना गया. उन्होंने लगातार पांच वर्ल्ड कप फाइनल में भी अंपायरिंग की, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. लेकिन ब्रिस्बेन का वह LBW फैसला आज भी उनके करियर की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली घटना बना हुआ है. बकनर ने 1992 से लेकर 2007 तक के सभी ODI वर्ल्ड कप फाइनल में अंपायरिंग की थी. बकनर ने 128 टेस्ट और 182 वनडे मैचों में अंपायरिंग की थी.
वहीं सचिन तेंदुलकर ने 664 इंटरनेशनल मैचों में 34,357 रन, 100 शतक और 164 अर्धशतक के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वकालिक सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं. वह भारत की ऐतिहासिक 2011 आईसीसी क्रिकेट कप विजेता टीम का भी हिस्सा थे.
aajtak.in