Rohit Sharma on Cheteshwar Pujara and Ajinkya Rahane: भारतीय टीम और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है. पहला टेस्ट मुकाबला कल (25 जनवरी) से हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, उप्पल में खेला जाएगा. इस सीरीज में भारतीय टीम रोहित शर्मा की कप्तानी में उतरेगी.
विराट कोहली निजी कारणों से शुरुआती दो मैचों से हट चुके हैं. मगर बड़ी बात ये है कि टेस्ट स्पेशलिस्ट माने जाने वाले चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे स्क्वॉड में शामिल नहीं हैं. कोहली जब बाहर हुए, तो उम्मीद थी कि इनमें से किसी एक को मौका मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
'फिर युवा खिलाड़ियों को मौके कब मिलें?'
अजित अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति पीछे मुड़कर देखने के मूड में नहीं है. कोहली की जगह रजत पाटीदार को मौका दिया गया. इसी मामले को लेकर रोहित ने हैदराबाद मैच से एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया.
रोहित ने संकेत दिए हैं कि पुजारा और रहाणे जैसे दिग्गजों का टेस्ट करियर लगभग खत्म माना जा सकता है, क्योंकि फोकस युवाओं को अधिक मौके देने पर है. भारतीय कप्तान रोहित ने कहा, 'हमने सीनियर खिलाड़ियों को लाने के बारे में सोचा, लेकिन फिर युवा खिलाड़ियों को मौके कब मिलेंगे. हमने इस बारे में भी सोचा.' हालांकि उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों को बाहर रखने का फैसला आसान नहीं था.
रहाणे ने आखिरी बार भारतीय टीम के लिए मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट आफ स्पेन में खेला था, जबकि पुजारा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के बाद बाहर किया गया.
'सीनियर्स को बाहर करने का फैसला आसान नहीं'
रोहित ने कहा, 'सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने का फैसला आसान नहीं होता. उन्होंने इतने रन बनाए हैं, इतने मैच जिताए हैं और उनके पास इतना अनुभव है कि उसे अनदेखा करना मुश्किल होता है. लेकिन कई बार आपको नए खिलाड़ियों को मौका देना होता है. उन्हें अनुकूल हालात में मौका देने के बाद ही विदेशी सरजमीं पर उतारा जाना चाहिए. मुझे लगता है कि युवाओं को मौके देना महत्वपूर्ण है.'
पाटीदार ने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ अहमदाबाद में अनधिकृत टेस्ट में भारत ए के लिए 151 रन बनाए और दो दिवसीय अभ्यास मैच में 111 रनों की पारी खेली. घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने काफी रन बनाए हैं.
रोहित ने यह भी कहा, 'किसी के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. फिट रहने और रन बनाने पर किसी को भी मौका मिल सकता है.' निश्चित तौर पर टीम प्रबंधन के जेहन में अनुभवी खिलाड़ियों की उम्र भी होगी. रोहित (36), कोहली (35), आर अश्विन (37) और रवींद्र जडेजा (35) करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं.
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