अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए एक भयावह एयरस्ट्राइक ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है. इस हमले में एक रिहैबिलिटेशन अस्पताल को निशाना बनाया गया, जहां ड्रग एडिक्शन का इलाज होता था. अफगानिस्तान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता के मुताबिक, इस हमले में अब तक 408 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हैं. अस्पताल का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है.
इस घटना के बाद अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर और पूर्व कप्तान राशिद खान (Rashid Khan) ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला. उन्होंने साफ कहा कि नागरिक इलाकों, अस्पतालों या शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाना युद्ध अपराध (War Crime) है, चाहे यह जानबूझकर किया गया हो या गलती से.
राशिद खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के कारण हुई नागरिक मौतों की खबर से मैं बेहद दुखी हूं. नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना war crime है. रमजान जैसे पवित्र महीने में इंसानी जिंदगी के प्रति इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है.
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे हमले केवल नफरत और विभाजन को बढ़ाते हैं. राशिद ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और अन्य मानवाधिकार संगठनों से इस मामले की गहन जांच करने और दोषियों को सजा देने की अपील की.
इस मामले पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ( Afghanistan Cricket Board) ने भी कड़ा रुख अपनाया. बोर्ड ने कहा कि ईद की खुशियां मातम में बदल गई हैं. जो लोग ईद और बेहतर भविष्य का सपना देख रहे थे, उनकी जिंदगी अचानक खत्म हो गई. यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली है.
अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी (Mohammad Nabi) ने भी इस हमले पर गहरा दुख जताया. उन्होंने लिखा- आज रात काबुल में उम्मीद खत्म हो गई. इलाज के लिए आए युवाओं की बमबारी में हत्या कर दी गई. माताएं अपने बेटों को पुकारती रहीं, लेकिन वे कभी वापस नहीं आए.
हालांकि पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. पाकिस्तान का कहना है कि यह एयरस्ट्राइक आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी, न कि किसी नागरिक स्थान को.
बताया जा रहा है कि यह हमला उस समय हुआ जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव चल रहा था. दोनों देशों की सेनाओं के बीच हाल के महीनों में कई बार गोलीबारी हो चुकी है. फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब गंभीर रूप ले चुका है. पाकिस्तान ने इसे 'ओपन वॉर' तक बताया है, जबकि अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता की रक्षा का मामला कहा है.
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