आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. यूएई ने चार में से तीन मुकाबले गंवाए और वो सुपर-8 में जगह नहीं बना सकी. यूएई को इकलौती जीत कनाडा के खिलाफ 5 विकेट से मिली थी. टी20 वर्ल्ड कप के बीच यूएई के तेज गेंदबाज मुहम्मद जवादुल्लाह की कहानी इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है. बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने संघर्ष और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.
कनाडा के मुकाबले में जब यूएई ने 5 विकेट से जीत हासिल की, तो उस जीत के सूत्रधार मुहम्मद जवादुल्लाह ही रहे. जवादुल्लाह ने चार ओवरों की गेंदबाजी में सिर्फ 16 रन दिए और उन्होंने एक विकेट हासिल किया. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के डेहरी झोलाग्राम गांव में पले-बढ़े जवादुल्लाह के पास बचपन में क्रिकेट की कोई विशेष सुविधा नहीं थी. गांव में मैदान का अभाव था, साथ ही कोई अच्छा कोच भी नहीं था जो खिलाड़ियो के टैलेंट को निखार सके. उनके घर में मौजूद एक टेलीविजन ही उनके सपनों की शुरुआत बना. टीवी पर पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ियों को खेलते देख उन्होंने भी क्रिकेटर बनने का सपना संजोया.
नौकरी की, क्रिकेटर बनने का सपना नहीं छोड़ा
मुहम्मद जवादुल्लाह ने शुरुआत टेप बॉल क्रिकेट से की और स्थानीय स्तर पर पहचान बनाई. हालांकि परिवार की प्राथमिकता पढ़ाई थी. जवादुल्लाह के पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक स्थिर करियर चुने. जवादुल्लाह ने इलेक्ट्रिकल स्टडीज में डिप्लोमा किया और नौकरी की तलाश शुरू की. बेहतर अवसरों की खोज में वह 2020 में यूएई चले गए, जहां उन्हें इलेक्ट्रीशियन की नौकरी मिली. दिन में नौकरी और रात में क्रिकेट का अभ्यास करते थे. यानी उनकी दिनचर्या बेहद कठिन रही.
संयुक्त अरब अमीरात पहुंचने के बाद उन्होंने क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया. यहीं से उनका करियर नई दिशा में बढ़ा. 2022 में अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ECB) की ओर से आयोजित फास्ट बॉलिंग ट्रायल में उन्होंने हिस्सा लिया और चयनित होकर राष्ट्रीय टीम के ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा बने. इसके बाद उन्हें इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) में शारजाह वॉरियर्स की ओर से खेलने का मौका मिला, जहां उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया.
टी20 इंटरनेशनल में रहा है उम्दा प्रदर्शन
फरवरी 2023 में मुहम्मद जवादुल्लाह ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया. जवादुल्लाह ने अब तक 13 ओडीआई और 41 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में यूएई का प्रतिनिधित्व किया है. ओडीआई मैचों में जवादुल्लाह ने 43.00 के एवरेज से 13 विकेट झटके हैं. जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम पर 19.93 की औसत से 60 विकेट दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में वो तीन मौकों पर इनिंग्स में चार विकेट ले चुके हैं. टखने और जांघ की चोट के कारण उन्हें साल 2024 में लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा.
26 साल के मुहम्मद जवादुल्लाह का बॉलिंग एक्शन थोड़ा अलग है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसके बावजूद उन्होंने खुद को स्थापित किया है. वह पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम और मोहम्मद आमिर को अपना आदर्श मानते हैं, इन दोनों से वो प्रेरणा लेते रहे हैं. अब जवादुल्लाह ने टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर यूएई का प्रतिनिधित्व किया है.
पाकिस्तान के उसी घर में जहां कभी टीवी पर मुहम्मद जवादुल्लाह के सपने जन्मे थे, उनके पिता अब अपने बेटे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए देख रहे हैं. यह कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.
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