टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होना तय था, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने इस मैच में उतरने से इनकार कर दिया है. भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी है. लेकिन मैदान पर एक्शन से पहले ही माहौल गरमा गया है. अब पाकिस्तान के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भी ऐसा ही रिएक्शन दिया है. जिन्होंने साफ कहा कि यह कदम भारत से ज्यादा पाकिस्तान के अपने भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाला है.
पाकिस्तान ने रविवार को पुष्टि की कि वह टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा तो लेगा, लेकिन कोलंबो में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बायकॉट होगा. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब आईसीसी ने बांग्लादेश की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें भारत से बाहर मैच शिफ्ट करने की बात कही गई थी.
कपिल देव ने पाकिस्तान को लपेटा
एक मीडिया बातचीत में कपिल देव ने पाकिस्तान के रुख पर खुलकर अपनी बात रखी. 1983 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान ने कहा कि यह मामला राजनीति या छवि तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर युवा क्रिकेटरों के करियर को प्रभावित करता है.
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उन्होंने कहा, 'अगर यह फैसला खिलाड़ियों ने लिया है, तो वे सामने आकर कह सकते हैं. लेकिन अगर बोर्ड यह कहता है कि आप नहीं खेलेंगे, तो इससे देश की साख गिरती है.' उन्होंने आगे चेतावनी दी कि बार-बार पीछे हटने और बहिष्कार करने से पाकिस्तान क्रिकेट अलग-थलग पड़ जाएगा. पाकिस्तान के लिए हालात अच्छे नहीं दिख रहे हैं. आप एक पूरी पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं.
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इस बहिष्कार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को असहज स्थिति में डाल दिया है. भारत-पाकिस्तान के मुकाबले आईसीसी टूर्नामेंट्स की व्यावसायिक रीढ़ माने जाते हैं और अक्सर प्रसारण राजस्व का बड़ा हिस्सा इन्हीं से आता है.
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