पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ होने वाले मैच के बहिष्कार का फैसला लिया है. पिछले एक साल से पाकिस्तान की ड्रामेबाजी जारी है. पहले एशिया कप में उसने खूब नाटक किया और जब वहां उसकी दाल नहीं गली तो फिर टी20 वर्ल्ड कप में भारत-बांग्लादेश के बीच तनाव का उसने फायदा उठाया. लेकिन इस पूरी ड्रामेबाजी के केंद्र में रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी.
नक़वी के कार्यकाल में क्रिकेट कम और राजनीति ज़्यादा दिखाई दी है. एशिया कप से लेकर टी20 वर्ल्ड कप तक, हर बड़ा टूर्नामेंट किसी न किसी विवाद में उलझता गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया पोस्ट, ट्रॉफी सेरेमनी और हैंडशेक जैसे छोटे-छोटे क्रिकेटिंग पल, बड़े राजनीतिक ड्रामे में बदलते चले गए.
अलग-अलग घटनाओं को अगर अलग-अलग देखा जाए, तो वे मामूली लग सकती हैं. लेकिन जब इन्हें एक साथ रखा जाए, तो एक साफ पैटर्न उभरकर सामने आता है.
यह भी पढ़ें: 'हम वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं...', कप्तान सलमान आगा ने पाकिस्तानी सरकार के फैसले पर तोड़ी चुप्पी
क्रिकेट से ज़्यादा सियासत
सबसे बड़ी बात यह है कि मोहसिन नक़वी सिर्फ PCB चेयरमैन नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तान के गृह मंत्री (Interior Minister) भी हैं. जब एक ही व्यक्ति दिन में सुरक्षा से जुड़े सरकारी फैसले ले और रात में क्रिकेट से जुड़े निर्णय करे, तो खेल और राजनीति की रेखा धुंधली होना तय है.
यही वजह है कि हाल के महीनों में पाकिस्तान जहां-जहां क्रिकेट खेल रहा है, वहां विवाद भी साथ-साथ चल रहा है.
क्या है नक़वी की रणनीति?
नक़वी बार-बार ऐसे फैसले और बयान दे रहे हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट असहज स्थिति में आ जाए और भारत हर चर्चा के केंद्र में रहे. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों की प्रतिक्रियाएं भी लगभग एक जैसी रही हैं- सवाल कम, समर्थन ज़्यादा. ऊपर से संकेत मिले, तो विरोध करने से बेहतर साथ खड़ा होना आसान होता है.
यह भी पढ़ें: बेइज्जती, बैन और बायकॉट... निकल जाएगी पाकिस्तान की हेकड़ी, सख्त एक्शन की तैयारी में ICC
लेकिन सच्चाई यह है कि ICC की मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देना लगभग असंभव है, क्योंकि वैश्विक क्रिकेट की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत भारत और BCCI हैं. प्रशासकों का काम आग बुझाना होता है, लेकिन नक़वी बार-बार उसमें घी डालते नजर आए हैं. नतीजा यह है कि क्रिकेट पीछे छूटता जा रहा है और राजनीति सुर्खियों में आ रही है.
मोहसिन नक़वी के भारत-पाकिस्तान विवाद: पूरी टाइमलाइन
15 सितंबर 2025 – एशिया कप हैंडशेक विवाद
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के सम्मान में पाकिस्तान से मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया. नक़वी ने इसे मुद्दा बनाया और मैच रेफरी पर आरोप लगाए.
एशिया कप बायकॉट की धमकी
इस विवाद के बाद पाकिस्तान ने एशिया कप के बहिष्कार की धमकी तक दे डाली. मैच शुरू होने से ठीक पहले नकवी ने खिलाड़ियों से मैदान पर न जाने की बात कही. लेकिन घंटों की ड्रामेबाजी के बाद पाकिस्तान फिर बैकफुट पर आ गया.
यह भी पढ़ें: पाखंड का मास्टरक्लास है वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की ड्रामेबाजी, क्या भूल गया अपना इतिहास?
28 सितंबर 2025 – एशिया कप फाइनल विवाद
भारत ने फाइनल जीता, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. ट्रॉफी सेरेमनी एक घंटे से ज्यादा देर से हुई.
सितंबर 2025 के अंत – ट्रॉफी गतिरोध
BCCI ने ICC में औपचारिक शिकायत की. ACC बैठक में विरोध भी हुआ.
दिसंबर 21, 2025 – अंडर-19 एशिया कप
पाकिस्तान की जीत के बाद नक़वी ने भारतीय खिलाड़ियों पर उकसाने के आरोप लगाए.
जनवरी 2026 – भारत-बांग्लादेश विवाद की शुरुआत
KKR ने मुस्ताफिज़ुर रहमान को रिलीज़ किया. इसके बाद बांग्लादेश ने IPL प्रसारण रोके. इसके बाद नकवी न पाकिस्तान को भड़काना शुरू किया.
12 जनवरी 2026
बांग्लादेश ने ICC से अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की. इसके पीछे भी पाकिस्तान और नकवी ही थे.
21 जनवरी 2026
ICC ने बांग्लादेश की मांग खारिज की. पाकिस्तान अकेला देश था जिसने समर्थन किया.
24 जनवरी 2026
ICC ने बांग्लादेश को हटाकर स्कॉटलैंड को शामिल किया. फिर भी पाकिस्तान ने आईसीसी और भारत के खिलाफ जहर उगला.
1 फरवरी 2026
पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप खेलने की अनुमति मिली, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच खेलने से रोक दिया गया.
अब हालात क्या हैं?
* ICC दुविधा में है
* ब्रॉडकास्टर्स करोड़ों के नुकसान से चिंतित हैं
* और फैंस क्रिकेट को राजनीति की भेंट चढ़ते देख रहे हैं
क्रिकेट ने पहले भी राजनीति झेली है, लेकिन शायद ही कभी किसी एक प्रशासक ने इसे अपना निजी मंच बना लिया हो. इतिहास नारे नहीं, नतीजे याद रखता है. और अक्सर ऐसा होता है कि विलेन खुद को हीरो समझता है. लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं होती, जहां वह सोचता है.
aajtak.in