भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा का क्रिकेट करियर अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है. ईशांत काफी सालों से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. नवंबर 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर टेस्ट के बाद से ईशांत शर्मा को इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका नहीं मिला. 37 साल के ईशांत इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और घरेलू क्रिकेट में अब भी एक्टिव हैं. ईशांत आईपीएल 2026 में एक बार फिर गुजरात टाइटन्स के लिए खेलते नजर आएंगे.
ईशांत शर्मा ने भारत के लिए 105 टेस्ट मैच खेलकर 311 विकेट लिए थे. हालांकि ईशांत व्हाइट बॉल क्रिकेट में उतने सफल नहीं हो पाए. ईशांत ने 80 ओडीआई और 14 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले, जहां उनके नाम पर क्रमश: 115 और 8 विकेट दर्ज हैं. ईशांत को इस बात का अफसोस है कि वो भारत के लिए वनडे और टी20 क्रिकेट उतना नहीं खेल पाए.
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ईशांत शर्मा ने आजतक के कार्यक्रम 'सलाम क्रिकेट' में कहा, "हां, थोड़ा अफसोस जरूर है कि मैं ज्यादा व्हाइट बॉल क्रिकेट नहीं खेल पाया. लेकिन मैं आमतौर पर अफसोस या शिकायतों के साथ नहीं जीता. हमेशा आगे क्या करना है, उसी के बारे में सोचता हूं और खुद में कमियां ढूंढने की कोशिश करता हूं. अगर आप अपनी गलतियां ढूंढते हैं, तो सुधार का मौका मिलता है. लेकिन अगर आप दूसरों में गलतियां ढूंढते हैं, तो सिर्फ बहाने बनते हैं. मेरी सोच ऐसी ही है."
...जब ईशांत ने पोटिंग के उड़ाए थे होश!
ईशांत शर्मा ने अपने करियर में कई यादगार स्पेल डाले, लेकि जनवरी 2008 में पर्थ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी घातक गेंदबाजी आज भी फैन्स को याद है. उस मुकाबले में ईशांत ने दोनों ही पारियों में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को चलता किया था. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में तो ईशांत ने लगातार नौ ओवर्स का शानदार स्पेल डाला, जिसकी तारीफ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्टीव वॉ ने भी की थी.
ईशांत शर्मा पर्थ टेस्ट मैच को लेकर कहते हैं, 'उस समय मैं काफी युवा था. मैं सिर्फ अपना दूसरा या तीसरा टेस्ट मैच खेल रहा था. मुझे यह भी नहीं पता था कि मीडिया क्या कह रही है या लोग क्या बात कर रहे हैं. मैं सिर्फ अपनी गेंदबाजी पर ध्यान दे रहा था. अच्छी बात यह थी कि मैंने पूरा फर्स्ट क्लास सीजन खेला था, इसलिए मैं लय में था और लगातार मैच खेल रहा था. वही लय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी जारी रही. फिर वो स्पेल आया और अगर आप देखें तो ऐसे स्पेल फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सामान्य होते हैं.'
ईशांत ने बताया, 'फर्स्ट क्लास क्रिकेट आपको एक ही एरिया में लगातार गेंदबाजी करना सिखाता है. जब आप बार-बार एक ही जगह पर गेंद डालते रहते हैं, तो हो सकता है एक या दो मैच में न मिले, लेकिन तीसरे मैच तक कहीं न कहीं उसका इनाम मिलता है. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ, मुझे पर्थ में उसका इनाम मिला, हालांकि सिडनी में नहीं.'
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